मोदी को क्लीन चिट के खिलाफ याचिका पर फैसला संभवत: २८ को

गुजरात उच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व 57 अन्य को क्लीन चिट देने के खिलाफ जाकिया जाफरी की ओ

By: मुकेश शर्मा

Published: 22 Aug 2017, 10:26 PM IST

अहमदाबाद।गुजरात उच्च न्यायालय ने वर्ष 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व 57 अन्य को क्लीन चिट देने के खिलाफ जाकिया जाफरी की ओर से दायर याचिका पर फैसला 28 अगस्त तक के लिए टाल दिया। न्यायाधीश सोनिया गोकाणी ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान विशेष जांच दल (एसआईटी) सहित सभी पक्षों से कई मुद्दों पर स्पष्टता मांगी है।

न्यायालय के अनुसार फैसला देने से पहले किसी भी तरह का प्रश्न अनुत्तरित नहीं रहने चाहिए क्योंकि ये सभी मुद्दे अहम हैं। न्यायालय ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अब तक तीन फैसलों में गुजरात दंगों से जुड़े व्यापक षडं्यत्र से जुड़े मुद्दे पर जानकारी मांगी है। इसमें पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट की याचिका, जाकिया जाफरी की ओर से दायर पहली मूल याचिका तथा इसी मामले में फिर से जांच को लेकर आदेशों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। क्या इस संबंध में दस्तावेज ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश किए गए हैं या नहीं?

यदि इस संबंंंध में कोई दस्तावेज ट्रायल कोर्ट में पेश किए गए हैं तो इस संबंध में जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी गई है या नहीं? इसके अलावा एसआईटी से पूछा गया है कि दंगों से जुड़े दस्तावेज गुलबर्ग सोसाइटी प्रकरण में पेश किए गए थे?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुलबर्ग सोसाइटी दंगा प्रकरण या वर्ष 2002 में भडक़े दंगों के अन्य मामलों में ज्यादा जांच हुई या नहीं। गुलबर्ग सोसाइटी हत्या प्रकरण के फैसले में इस प्रकार के कई मुद्दों का उल्लेख क्यों नहीं दिख रहा?

यह है मामला

एसआईटी ने फरवरी 2012 में दंगों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट में मोदी व 57 अन्य को क्लीन चिट दिया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने एसआईटी को रिपोर्ट को मान्य रखते हुए दिसम्बर 2013 में मोदी व अन्य को क्लीन चिट दी थी।

गुलबर्ग सोसाइटी दंगा प्रकरण में मारे गए पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी ने निचली अदालत के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। जाकिया ने याचिका में 2002 के दंगों के पीछे व्यापक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए मोदी व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की मांग की है।

मुकेश शर्मा Reporting
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