Railway यातायात बाधित होने से 10 करोड़ का नुकसान

Railway यातायात बाधित होने से  10 करोड़ का नुकसान

Pushpendra R.Singh Rajput | Updated: 13 Aug 2019, 09:55:58 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

भारी बारिश के चलते हुआ रेल यातायात प्रभावित

अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के विभिन्न खंडों में लगातार भारी बारिश यात्रियों एवं रेलवे ट्रैक के लिए नुकसानदायक रही। किसी भी गम्भीर स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने यातायात को रोकने जैसा कदम उठाया गया। पश्चिम रेलवे ने मानसून में मुंबई उपनगरीय रेल लाइन, वडोदरा स्टेशन, सूरत-वडोदरा खंड के आसपास के क्षेत्र में भारी जलभराव जैसी गम्भीर परिस्थितियों का सामना किया। वहीं रेलकर्मियों की टीम ने युद्धस्तर पर रात-दिन काम किया गया। 31 जुलाई से 6 अगस्त तक पश्चिम रेलवे की 365 ट्रेनें रद्द व शॉट टर्मिनेट की गईं, जिससे 2, 83,555 यात्रियों 10.12 करोड़ रुपए की आमदनी का नुकसान हुआ।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार बाजवा, वडोदरा तथा उसके आसपास 1 से 3 अगस्त तक जलभराव के कारण 76 ट्रेनें प्रभावित रहीं। लगातार बारिश से भारी जलभराव हुआ, जिससे 28 ट्रेनें रद्द की गईा। इन परिस्थितियों में भी पश्चिम रेलवे के उच्च अधिकारियों ने आवश्यक कदम सुनिश्चित करने के लिए स्थिति की लगातार समीक्षा की। 4 अगस्त को मुंबई उपनगरीय लाइन के वसई रोड-नालासोपारा-विरार खंड पर लगातार बारिश से आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर अधिक बढ़ा, जिससे वसई रोड एवं विरार के बीच फास्ट लाइन पर ट्रेन यातायात रोकना पड़ा। हालांकि धीमे लाइन पर किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए ट्रेनों को प्रतिबंधित गति से चलाया गया। जैसे ही पुलों के नीचे का जलस्तर नीचे आया, ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया गया। इससे इस लाइन पर लम्बी दूरी की 12 ट्रेनें प्रभावित रहीं।
भाकर के अनुसार 4 अगस्त को गोठनगाम, सायान तथा कोसम्बा में भारी जलभराव से 156 ट्रेनें प्रभावित रहीं। भारी बारिश के कारण सूरत-वडोदरा तथा कीम-सायान रेल खंड के बीच अप तथा डाउन दोनों लाइनों पर रेल यातायात रोकना पड़ा। सूरत-वडोदरा खंड के कीम-कोसम्बा के बीच के गांवों में भारी बारिश से पुल के स्लैब को नीचे बहता हुआ पानी छूने लगा तथा खतरनाक स्तर तक आ गया, जिससे दोनों लाइनों पर रेल यातायात रोकना पड़ा। स्थानीय स्तर पर बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे सूरत का बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन कक्ष, सूरत तथा भरूच के कलक्टर में आपसी समन्वय से यह पता चला कि कीम नदी खतरनाक स्तर से एक मीटर ऊपर बह रही है। इसके अतिरिक्त इस खंड की पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक पर मिट्टी के कटाव का पता चला। इससे खतरनाक दुर्घटना हो सकती थी। पेट्रोलमैन मुरारी कुमार ने बारिश से प्रभावित वडोदरा-सूरत रूट के कीम-कोसम्बा खंड पर मिट्टी के कटाव को देखा। इसकी सूचना उन्होंने तुरंत अपने सुपरवाइजरों को दी,। इससे इस मार्ग पर यातायात को रोका गया। पिछले कई दिनों से भारी बारिश की वजह से रेल परिसरों में जलभराव, पानी में डूबे हुए, रेलवे ट्रैक का बह जाने जैसी परिस्थितियों का सामना किया। सुरक्षा को प्राथमिता देते हुए विभिन्न ट्रेनों को रद्द, परिवर्तित मार्ग पर परिचालन, शॉर्ट टर्मिनेट किया गया।

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