बिल्ली बनी तीन पिल्लों की धाय मां

केवल जन्म देने वाली ही नहीं, बच्चों को पालने वाली भी मां होती है, मां की मौत होने पर दूध पिलाने वाली धाय मां कहलाती है। यह बात केवल मनुष्यों पर ही नही

By: मुकेश शर्मा

Published: 10 Nov 2017, 06:02 AM IST

आणंद।केवल जन्म देने वाली ही नहीं, बच्चों को पालने वाली भी मां होती है, मां की मौत होने पर दूध पिलाने वाली धाय मां कहलाती है। यह बात केवल मनुष्यों पर ही नहीं, बल्कि जीव-जन्तुओं, जानवरों, मवेशियों पर भी लागू होती है। ऐसा ही वाकया आणंद जिले के चकलासी में सामने आया, जब मादा श्वान की मौत के बाद उसके पिल्लों को एक बिल्ली धाय मां बनकर इन दिनों दूध पिला रही है।

चकलासी निवासी व पत्नी के साथ मिलकर खेती करके गुजारा चलाने वाले छगन के घर में मादा श्वान व एक बिल्ली परिवार के सदस्य की भांति साथ रहती थी। मादा चार-पांच पिल्लों को जन्म देने के सात दिन बाद ही एक वाहन से कुचलने के कारण मादा श्वान की मौत हो गई।

नवजात पिल्लों ने माता की छत्र-छाया गुमा दी और कृषक दंपती चिंतातुर हो गए, लेकिन कहा जाता है कि कुदरत एक हाथ छीनती है तो दूसरे हाथ की व्यवस्था भी करती है। इसी प्रकार पिल्लों का नसीब जागा और घर में रहने वाली बिल्ली मानो सब-कुछ समझ गई। मादा श्वान के पिल्लों को अपनाकर बिल्ली स्तनपान करवाने लगी है। यह नजारा देखकर कृषक दंपती अचरज में है।

गौरतलब है कि सामान्यता श्वान व बिल्ली के बीच 36 का आंकड़ा होता है। श्वान को देखकर बिल्ली ऐसे भागती है जैसे गधे के सिर से सींग। इसके विपरीत मादा श्वान की मौत के बाद उसके पिल्लों को एक बिल्ली अपने बच्चों की भांति स्तनपान करवाकर धाय मां की भूमिका निभा रही है।

माल ढोने में उपयोग करें मालगाडिय़ों का : रेल अधिकारी

रेल अधिकारियों की फ्रेट कस्टमर्स से बैठक

भावनगर मंडल कार्यालय के सभागार में रेल अधिकारियों एवं फ्रेट कस्टमर्स के बीच बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों ने माल ढोने में मालगाडिय़ों का अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। बैठक में अधिकारियों से फ्रेट कस्टमर्स ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने ने गुड्ज शेड पर सुविधा बढ़ाने को लेकर चर्चा की। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक मंजूसिंह ने भी मालगाडिय़ों से माल भेजने का उनसे अनुरोध किया।

मंडल रेल प्रबंधक रूपा श्री निवासन ने बैठक की अध्यक्षता की और मंडल वाणिज्य प्रबंधक माशूक अहमद ने बैठक का संचालन किया। बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक राकेश राजपुरोहित, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक मंजूसिंह एवं फ्रेट कस्टमर भरत कुमार पंड्या, कौशिक ओझा, भूपत गुमारा, शरद सनाजा, रिंकू चौधरी, बिपिन पिल्लई समेत कई फ्रेट कस्टमर्स मौजूद थे।

मुकेश शर्मा Reporting
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