कुणाल को था पूर्व प्रेमिका के परेशान करने का वहम

दिल्ली के बुराडी कांड की तरह नरोड़ा का सामूहिक आत्महत्या कांड: नरोड़ा में घर से मिले थे पति, पत्नी, बेटी के शव, 'ना वो मारना चाहती थी ना जीने देना..' पत्नी का भी सुसाइड नोट मिला

अहमदाबाद. दिल्ली के बुराड़ीकांड की तरह ही शहर के नरोड़ा इलाके में मंगलवार देर रात घर से मिले पति, पत्नी और बेटी के शव मामले में गुरुवार को नया खुलासा हुआ है। गुरुवार को पत्नी कविता का सुसाइड नोट सामने आया। इससे पता लगा कि कुणाल त्रिवेदी और उसकी पत्नी को लगता था कि कुणाल को उसकी पूर्व प्रेमिका परेशान करती है। वह उसे साथ ले जाना चाहती है, लेकिन ना तो वो मारना चाहती थी, ना ही जीने देना। बेटी सिरीन पर भी हमला करना शुरू कर दिया था, जिससे परेशान होकर पति-पत्नी ने बेटी के साथ आत्महत्या कर ली।
इलाके के पुलिस उपायुक्त नीरज बडग़ुजर बताते हैं कि कुणाल और कविता दोनों के सुसाइड नोट में जो काली शक्ति का उल्लेख किया है, उसके समर्थन में अब तक की जांच में कोई सबूत हाथ नहीं लगा है। ना ही ऐसी कोई वस्तु उनके घर से मिली है। ना ही उनके परिजनों ने इसे समर्थन दिया है। यह जरूर सामने आया है कि कुणाल को वहम था कि उसकी पूर्व प्रेमिका उसे परेशान करती है। इससे जुड़ी कुणाल की पत्नी कविता की भी एक सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उसने कुणाल की पूर्व प्रेमिका के परेशान करने का उल्लेख किया है। लिखा है कि ...वो कुणाल को ले जाने के लिए बार-बार जतन करती थी। कोई न कोई गलत काम कराने का काम करती थी। जिससे परेशानियां असहनीय हो गई थी। इसलिए बहुत सोचने के बाद ये कदम उठा रहे हैं।
कुणाल की मां जयश्रीबेन से पूछताछ में सामने आया कि कुणाल अक्सर कहता था कि उसे उसकी इंदौर वाली पूर्व प्रेमिका परेशान करती है। हालांकि उस युवती ने करीब १७ साल पहले आत्महत्या की थी। जब कुणाल इंदौर में पढ़ता था, तब वह उससे प्रेम करती थी। विवाह करना चाहती थी। लेकिन विवाह नहीं हो पाया और युवती ने आत्महत्या कर ली थी। वही युवती के परेशान करने की बात कहते हुए कुणाल आवेश में आ जाता था और पत्नी, बेटी पर गुस्सा निकालता था। इसके चलते घर में माहौल तनावपूर्ण रहता था।
चार दिन पहले सामान के साथ भेजा था सुसाइड नोट
बडग़ुजर ने बताया कि कविता का हिंदी में लिखा चार पृष्ठों का सुसाइड नोट कुणाल ने आठ सितंबर को ही ड्राइवर के साथ नकदी, आभूषण से भरे तीन सूटके स के साथ परिचित के घर घाटलोडिया सताधार भेजा था। परिचित से कहा था मकान मालिक मकान खाली करने को कह रहे हैं।
पुत्री को साथ ले जाने की लिखी बात :
माता-पिता के नाम लिखे सुसाइड नोट में कविता ने पुत्री सिरिन को भी साथ ले जाने की बात का उल्लेख किया है। इसमें बोपल के घर को बेचने उससे मिलने वाले रुपए का पति-पत्नी के बीच बंटवारा होने का भी उल्लेख है। अपना और बेटी सिरीन के हिस्से को कविता ने अपने माता-पिता को देने का उल्लेख किया है।

 

nagendra singh rathore
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