प्राकृतिक कृषि ही भारत की परंपरागत कृषि: राज्यपाल


-सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि कार्यशाला महात्मा मंदिर में आयोजित

By: Uday Kumar Patel

Published: 05 Sep 2019, 03:47 PM IST

गांधीनगर. गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक कृषि को ही भारत की परंपरागत कृषि करार देते हुए कहा कि किसान और खेती के सर्वांगीण विकास के लिए सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि ही श्रेष्ठ उपाय है। बुधवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर उन्होंने प्राकृतिक कृषि के साथ 500 किसानों को जोडऩे का प्रयास किया था और देखते ही देखते 10 हजार किसान इससे जुड़ गए।
राज्यपाल ने कहा कि सभी तरह की कृषि पद्धतियों में आखिर में नुकसान किसान का ही होता है। नतीजा यह हुआ कि किसान कर्जदार बना और उसे आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि पालेकर जी की खेती में एक गाय के जरिए 30 एकड़ भूमि पर खेती हो सकती है।

देवव्रत ने कहा कि अमेरिकी डॉ. अल्बर्ट हार्वर्ड ने वर्ष 1931 में भारत आकर जैविक कृषि (ऑर्गेनिक खेती) का प्रचार किया था, जो भारत की मूल कृषि पद्धति नहीं है।

Uday Kumar Patel Reporting
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