राजेश भटनागर

अहमदाबाद. देवी मां की आराधना का पर्व नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस वर्ष 9 के बजाय 8 दिन की नवरात्र है। गरबा नृत्य और डांडिया रास से देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बना चुके गुजरात में गरबा रसिकों में इस वर्ष उत्साह दिखाई दे रहा है। कोरोना का साया और गाइडलाइन से आनंद में खलल के आसार भी महसूस किए जा रहे हैं।
करीब डेढ़ वर्ष के कोरोना काल और कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष नवरात्र में गरबा आयोजन की मंजूरी नहीं मिलने के चलते गरबा रसिक नृत्य और रास का आनंद नहीं ले सके थे। इस वर्ष सरकार की ओर से पार्टी प्लॉटों, क्लबों में और व्यावसायिक स्तर पर गरबा आयोजन की मंजूरी नहीं दी गई है। केवल सोसायटियों में और शेरी गरबों के आयोजन में मात्र 400 लोगों को हिस्सा लेनेकी सशर्त मंजूरी दी गई है। इस कारण गरबा रसिकों में उत्साह के साथ ही कोरोना का साया दिखाई दे रहा है। गाइडलाइन से आनंद में खलल के आसार भी महसूस किए जा रहे हैं।
वैसे तो गुजरात में हर पर्व और त्योहार पर गरबा नृत्य से उत्सव का उत्साह दुगुना होता है। गुजरात के लोग नवरात्र के अलावा जन्माष्टमी, गणेश महोत्सव और विवाह के आयोजनों में भी गरबा नृत्य करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते हैं। देश के पश्चिम छोर पर बसे गुजरात के लोग लगभग सभी राज्यों के अलावा विश्व के कौने-कौने में भी बसे हैं और वहां भी गरबा नृत्य और डांडिया रास के माध्यम से गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाते रहे हैं।
नवरात्र की शुरुआत से एक दिन पहले शेरियों में, सोयायटियों में देवी माता की आराधना और गरबा नृत्य, डांडिया रास की तैयारियों को अंतिम रूप देने में आयोजक और पदाधिकारी जुटे रहे। देवी माता के मंडप सजाने के साथ ही रोशनी से सजावट की गई है। कहीं संगीत पार्टी और कहीं डी.जे. सेट की व्यवस्था की गई है। सरकार की गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित करने के लिए मशक्कत करने की तैयारी भी की जा रही है। गरबा आयोजन में हिस्सा लेने के लिए परंपरागत वस्त्र, आभूषण खरीदने, डांडिया आदि की खरीदी के लिए लोग बाजारों में उमड़ते रहे।

शेरी गरबा की तैयारियां पूरी

शेरी गरबा के आयोजन के लिए सोसायटी में रोशनी की व्यवस्था की है। देवी माता का मंडप सजाया है। 90 बंगलों की सोसायटी के करीब ढाई सौ लोग आयोजन में हिस्सा ले सकते हैं। सरकारी गाइडलाइन का पालन तो किया जाएगा लेेकिन मास्क पहनकर गरबा नृत्य करना संभव नहीं लगता। आम नागरिकोंं ने कोरोना की कमी के साथ ही मास्क पहनना छोड़ दिया है। कोरोना रोधी टीका लगवाने को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजन स्थल पर वैक्सीन का प्रमाण-पत्र भी सरकार की ओर से अनिवार्य किया गया है, इस संबंध में भी सोसायटी के निवासियों को जागरूक किया जा रहा है।

- नरेंद्रसिंह पुरोहित, प्रकृति बंगलो सोसायटी, बोपल।

गरबा रसिकों को निशुल्क प्रशिक्षण

पिछले करीब 10 वर्ष से अधिक समय से गरबा रसिकों को निशुल्क प्रशिक्षण देने की शुरुआत की है। नवरात्र में देवी माता के समक्ष धीरे-धीरे गरबा स्टेप से शुरुआत करने के कारण गरबा नृत्य में विशेषज्ञता हासिल की और अब उसी ज्ञान के आधार पर गरबा रसिकों को प्रशिक्षण दे रहा हूं।
सोसायटी में नवरात्र के आयोजन के लिए देवी माता का पांडाल सजाया है, रोशनी और डी.जे. की व्यवस्था की है। सोसायटी में शत-प्रतिशत कोरोना वैक्सीनेशन हो चुका है। कुल 48 फ्लैट हैैं और करीब 100-150 लोग ही गरबा आयोजन में हिस्सा लेते हैं। कई सदस्य जैन समुदाय के हैं, वे रात के समय आयोजन में हिस्सा नहीं लेते। इसलिए सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप आयोजन किया जा रहा है लेकिन मास्क पहनकर गरबा करना संभव नहीं है।

- मुकेश कोठारी, नाकोड़ा पार्क सोसायटी, शाहीबाग, अहमदाबाद।

बच्चों की रूची को देखते हुए आयोजन

नवरात्र में सोसायटी के दोनों ब्लॉक का बड़े गार्डन में पिछले 25 वर्ष से बड़े पैमाने पर गरबा आयोजन किया जाता था, ऑर्केस्ट्रा पार्टी को बुलाते थे। अतिथियों, सोसायटी के 800 फ्लैटों के सदस्यों के मित्रों को भी आमंत्रित किया जाता था। इस वर्ष कोरोना का साया है और सरकार की ओर से 400 लोगों को हिस्सा लेनेकी मंजूरी दी गई है इसलिए गोयल इंटरसिटी गरबा कमेटी की ओर से इस वर्ष आयोजन नहीं किया जा रहा है।
सोसायटी में छोटे पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है, छोटे गार्डन में छोटा पांडाल बनाया है, इसलिए 400 से अधिक लोग हिस्सा ही नहीं ले सकेंगे। केवल डी.जे. की व्यवस्था की है, सोसायटी के सदस्यों के लिए के बच्चों की रूची को देखते हुए आयोजन किया जा रहा है। कमेटी के बजाय आयोजकों को ही जिम्मेदारी सौंपी है। शनिवार-रविवार को अवकाश के दिन संख्या बढ़ सकती है। मास्क पहनकर गरबा करना संभव नहीं लगता। पुलिस की सलाह के अनुरूप ही इस वर्ष आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान गरबा देखने वालों को गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए मास्क भी पहनना होगा। गरबा में हिस्सा लेने वालों को मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। तीनों ही सलाह पूरी होने की संभावना नहीं लगती।

- कुमार महेता, गोयल इंटरसिटी, अहमदाबाद।

बाहर के लोगों को इस वर्ष प्रवेश नहीं

सोसायटी में नवरात्र के आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है, देवी माता का मंडप तैयार किया है, रोशनी, स्टॉल की व्यवस्था की है। ऑर्केस्ट्रा पार्टी को बुलाया गया है। सरकार की ओर से 400 लोगों को ही हिस्सा लेने की मंजूरी दी है, इससे कम ही सदस्य और परिजन हैं। बाहर के लोगों को इस वर्ष प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

- महेश जैन, अध्यक्ष, शिलालेख अपार्टमेंट्स, शाहीबाग, अहमदाबाद।

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