कैद में लगी सेंध: देश में गुजरात से फरार हुए सबसे ज्यादा कैदी

NCRB, Prison statistics india report 2019, Gujarat, Rearrest, prisoners, escaped राजस्थान दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर, एनसीआरबी की कारागार सांख्यिकी भारत- 2019 रिपोर्ट में सामने आए तथ्य

By: nagendra singh rathore

Published: 15 Sep 2020, 05:40 PM IST

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. देश भर की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था के चुस्त होने के दावों की कलई इनमें कैद रहने वाले कैदी ही खोल रहे हैं। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लाकर कई कैदी जेलों से फरार हो रहे हैं। वर्ष 2019 में देश में सबसे ज्यादा 172 कैदी गुजरात से फरार हुए हैं। राजस्थान से 50 कैदी वहीं महाराष्ट्र से 39 कैदी भागे जबकि उत्तर प्रदेश से 31 कैदी फरार हुए। ये तथ्य नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की कारागार सांख्यिकी भारत- 2019 की रिपोर्ट में सामने आए हैं।

रिपोर्ट में पता चला कि वर्ष 2019 में देशभर से फरार हुए 468 कैदियों में जेल के अंदर से 76, जेल के बाहरी इलाकों से 253 जबकि पुलिस हिरासत से 139 कैदी फरार हुए। जेल के बाहर से फरार होने वाले कैदियों में ज्यादातर पेशी के दौरान या फिर जेल से उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान या वापसी के दौरान पुलिस जाप्ते को चकमा देकर फरार हुए हैं।

गुजरात में जेल के अंदर से एवं जेल के बाहर फरार हुए सर्वाधिक 172 कैदी फरार हुए जो देशभर से फरार होने वाले कुल कैदियों का 36.74 फीसदी है। जेल के भीतर से 11 कैदी जबकि जेल के बाहर कोर्ट में पेशी या अस्पताल ले जाते समय 152 कैदी फरार हुए। पुलिस की हिरासत से 9 कैदी भागे हैं।

महाराष्ट्र में जेल के अंदर से सर्वाधिक भागे

जेल के अंदर की सुरक्षा में सबसे ज्यादा सेंध महाराष्ट्र के कैदियों ने लगाई है। यहां 13 कैदी भागे। इस मामले में गुजरात दूसरे नंबर पर है जहां से 11 कैदी फरार हुए। राजस्थान और पंजाब के 6-6 कैदियों ने जेल की सुरक्षा में सेंध लगाई। यूपी से 5 कैदी जेल के अंदर से फरार हुए।

फरार कैदियों को पकडऩे में गुजरात आगे

फरार कैदियों को फिर से पकडऩे के मामले में भी गुजरात देश में आगे रहा है। गुजरात ने वर्ष 2019 में सबसे ज्यादा 118 कैदियों को पकड़ा। राजस्थान दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा।

जेलों की सुरक्षा में चूक नहीं

जेल से कोर्ट में पेशी के लिए या फिर जेल से अस्पताल ले जाते समय कैदी फरार हुए हैं। इन्हें स्थानीय पुलिस के जाप्ते की सुरक्षा में ले जाता जाता है। ऐसे में यह कहना ठीक नहीं होगा कि जेलों की सुरक्षा में कहीं चूक है। सुरक्षा चाकचौबंद है।

-डॉ के.एल.एन.राव, एडीजीपी, जेल आईजी, गुजरात

जेल, कैदियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने की जरूरत है कि अन्य राज्यों के किन-किन आंकड़ों को और गुजरात के किन आंकड़ों को ध्यानार्थ लिया गया है। इनमें पेरोल, फर्लो, अंतरिम जमानत सरीखे आंकड़े भी होते हैं। जेल और कैदियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फरार आरोपियों को पकडऩे के लिए निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए टीमें भी गठित की गई हैं।

-आशीष भाटिया, डीजीपी, गुजरात

कैद में लगी सेंध: देश में गुजरात से फरार हुए सबसे ज्यादा कैदी
Show More
nagendra singh rathore
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned