नेपाली युवतियों को अवैध रूप से विदेश भेजने का घोटाला उजागर

नेपाली युवतियों को अवैध रूप से विदेश भेजने का घोटाला उजागर

Omprakash Sharma | Updated: 20 Dec 2018, 11:01:43 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

पांच युवतियों के साथ दो को पकड़ा
डेढ़ माह में भेज चुके हैं अठारह युवतियों को

अहमदाबाद. नेपाली युवतियों को भारत में बुलाने के बाद उन्हें अवैध रूप से विदेश में भेजे जाने का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस आरोप में मंगलवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट परिसर में दो आरोपियों को पांच नेपाली युवतियों के साथ पकड़ा है। नेपाल एम्बेसी की फर्जी एनओसी के माध्यम से इस वारदात को अंजम दिया जाता था। पिछले कुछ दिनों में ये अठारह युुवतियों को अवैध रूप से विदेश भेज चुके हैं।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि दुबई रह रहे गोपाल शेलानी वहां क्लब चलाता है। जो अपने एजेंटे व चांदखेड़ा निवासी रामू रहिमाल प्रजापति तथा मुंबई निवासी असरार अहमद उर्फ हाफिज मोहम्मद मुस्तुफा अंसारी के जरिए नेपाली युवतियों को मुंबई तथा अहमदाबाद बुलवाता है। उन्हें नेपाल एम्बेसी की फर्जी एनओसी व वीजा के आधार पर विदेश भेज दिया जाता है। इसकी एवज में युवतियों से तगड़ी रकम भी ले ली जाती है। इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक आरआर सुवेरा के नेतृत्व में टीम जांच में जुट गई। पुख्ता सूचना मिलने पर मंगलवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट के आसपास जाल बिछाया गया। उस दौरान एयरपोर्ट टर्मिनल दो की ओर जाने वाले रोड पर से दोनों एजेंट नेपाल की पांच युवतियों के साथ मिल गए। उनकी तलाशी व पूछताछ में सामने आया कि दुबई में रहने वाले गोपाल शेलानी के माध्यम से तैयार किए जाने वाले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नेपाली युवतियों को विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी। युवतियों को मालवी, दुबई एवं युगांडा जैसे देशों में भेजा जाता ता। पिछले डेढ़ माह में इसी तरह से १८ नेपाली युवतियों को विदेश भेजा जा चुका है। दिसम्बर माह की ३ व ९ तारीख को भी वे एक एक युवती को विदेश भेज चुके हैं। आरोपियों के पास से तीन एनओसी तथा अन्य दस्तावेज व ७६ हजार की नकदी भी बरामद की गई है।
दोनों आरोपी पिछले तीन वर्ष से हैं लिप्त
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पिछले तीन वर्ष से नेपाली युवतियों को अवैध रूप से विदेशों में भेजने के कार्य में लिप्त हैं। हालांकि ये अलग-अलग लोगों के संपर्क में रहते थे। पिछले कुछ दिनों से वे दुबई में रहने वाले गोपाल शेलानी के संपर्क में रहते थे। पूछताछ में बताया गया है कि इससे पूर्व वे मुंबई एयरपोर्ट के रास्ते से युवतियों को भेजते थे। लेकिम मुंबई में काम रुक जाने से इन्होंने अहमदाबाद एयरपोर्ट चुन लिया था।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned