अहमदाबाद. राज्यभर में गुरुवार को महालक्ष्मी और नूतन वर्ष का अभिनंदन धूम-धड़ाके से किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शहर व राज्य में कहीं भी पटाखों की आवाज नहीं रुकी। अहमदाबाद व अन्य कुछ शहरों में तो पूरी रात पटाखे गूंजते रहे। वहीं शुक्रवार को भैया दूज का पर्व मनाया गया। साथ ही अनेक स्थलों पर उत्तरभारतीयों ने गोवर्धन पूजा की। दूसरी ओर, दीपावली पूजन के बाद बुधवार रात को शुरू हुआ पटाखे चलाने का सिलसिला रात भर जारी रहा था। व्यापार-पेढिय़ों में मुहूर्त करने के बाद गुरुवार को परिजनो व मित्रों के यहां जाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
गुजरात में रहने वाले उत्तरभारतीय भी बेसता वर्ष के रंग मे रंगे नजर आए। इस दिन गोवर्धन पूजा भी की गई। उत्तर भारतीयों में गोवर्धन पूजा का खास महत्व है।
शुक्रवार का दिन भैया दूज के रूप में मनाया गया। दूसरी ओर, दीपावली अवकाश के चलते अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने से शनिवार को भी शहर में सन्नाटा सा पसरा रहा। अब प्रतिष्ठान सोमवार को लाभ पंचमी के दिन ही खुलेंगे।

 

सोमनाथ में अन्नकूट दर्शन :
प्रभासपाटण. बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम श्री सोमनाथ महादेव मंदिर में नूतन वर्ष पर गुरुवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और अन्नकूट उत्सव सोमनाथ ट्रस्ट के अधीन अन्य मंदिरों अहिल्याबाई मंदिर, राम मंदिर, गीतामंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, भालका मंदिर में भी मनाया गया।

 

भगवान शामळिया को छप्पन भोग :
शामळाजी. यहां भगवान शामळिया के दरबार में नूतन वर्ष पर सुबह से ही भक्तों का उमडऩा शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहा। दोपहर को भगवान को छप्पन भोग लगाया और शाम को अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया गया। यात्रियों की भीड़ के चलते अनेक वाहन चालकों को वाहन पार्क करने की जगह भी नहीं मिली।

 

हरेकृष्ण मंदिर में गोवर्धन पूजा :
अहदाबाद. शहर के भाडज स्थित हरेकृष्ण मंदिर में गोवर्धन पूजा व अन्नकूट महोत्सव मनाया गया, जिसमें १५० से अधिक व्यंजन शामिल किए गए। इसके बाद भक्तों ने श्री राधामाधव को स्वर्णरथ में सवारी कराई।
केक व विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से करीब १००८ किलोग्राम वजन की गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति बनाई गई। बाद में मंगलाआरती की गई। भक्तों ने गोपूजन करते हुए गोवर्धन पर्वत की प्रदक्षिणा की।
अहमदाबाद के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में सजा छप्पन भोग।

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