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उत्तर गुजरात के बांधों में क्षमता का 15 फीसदी ही बचा है पानी का संग्रह

दक्षिण गुजरात के बांधों में बेहतर स्थित

अहमदाबाद

Published: April 27, 2022 09:20:32 pm

अहमदाबाद. गुजरात के उत्तर गुजरात के बांधों में मंगलवार तक पानी की कुल क्षमता का 15 फीसदी भी संग्रह नहीं रहा है। इसके मुकाबले दक्षिण गुजरात के बांधों की स्थिति सबसे बेहतर है। इस रीजन के बांधों में 61 फीसदी के करीब जलसंग्रह है, जो सबसे अधिक है। राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर (नर्मदा) बांध में 53.35 फीसदी जल संग्रह है।
प्रदेश के सरदार सरोवर समेत प्रमुख 207 बांधों में जल संग्रह की क्षमता 25244.4 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। इसकी तुलना में इन सभी बांधों में कुल मिलाकर 12609.92 एमसीएम जल संग्रह शेष है, जो क्षमता का 49.95 फीसदी है। रीजन के आधार पर देखा जाए तो जल संग्रह की सबसे अच्छी स्थिति दक्षिण गुजरात की है। जहां के 13 बांधों में जल संग्रह की क्षमता 8624.78 एमसीएम है, जिसके मुकाबले फिलहाल 5219.83 एमसीएम शेष है। यह 60.52 फीसदी है। जलसंग्रह के मामले में सबसे कमजोर स्थिति उत्तर गुजरात रीजन की है। इस रीजन के 15 बांधों में जलसंग्रह की क्षमता 1929.29 एमसीएम के मुकाबले फिलहाल 286.20 फीसदी ही पानी शेष रह गया है। यह 14.83 फीसदी है। मध्य गुजरात के 17 बांधों में 2347.37 एमसीएम की क्षमता है, जिसके मुकाबले 1036.90 एमसीएम पानी (44.17 फीसदी) बचा हुआ है। सबसे अधिक 141 बांधों वाले सौराष्ट्र रीजन में 2550.69 एमसीएम क्षमता के मुकाबले 954.42 एमसीएम पानी उपलब्ध है, जो 37.42 फीसदी है। इसके अलावा कच्छ रीजन के 20 बांधों में 332.27 एमसीएम जल संग्रह की क्षमता के मुकाबले हाल में 65.94 एमसीएम जल संग्रह है जो करीब 20 फीसदी है। जबकि सरदार सरोवर बांध में 9460 एमसीएम के मुकाबले फिलहाल 5046.63 एमसीएम पानी उपलब्ध है जो 53.35 फीसदी है। बांध का उच्चस्तर 138.68 मीटर है जिसके मुकाबले फिलहाल पानी का स्तर 120.71 मीटर है।
उत्तर गुजरात के बांधों में क्षमता का 15 फीसदी ही बचा है पानी का संग्रह
File photo
राजकोट का आजी-2 डेम अभी भी हाईअलर्ट

राज्य के प्रमुख बांधों में से राजकोट के आजी-2 बांध में क्षमता का 97.19 फीसदी जल संग्रह अभी मौजूद है। यह बांध फिलहाल हाईअलर्ट स्थिति में है। इसके अलावा अन्य आठ बांध ऐसे भी हैं जिनमें 70 फीसदी से अधिक जल संग्रह होने के चलते वार्निंग मोड पर हैं। इन बांधों में कच्छ का कालाघोघा बांध में 76.64 फीसदी, गिरसोमनाथ के रावल बांध में 73.55, जूनागढ़ जिले के हसानापुर बांध में 72.99, सुरेन्द्रनगर जिले के धोलीधजा बांध में 72.98, महिसागर के वाणकबोरी बांध में 72.9, भरुच जिले के धोली बांध में 71.56, राजकोट के आजी-1 में 71.32 तथा राजकोट के ही लालपरी बांध में 71.22 फीसदी जल संग्रह उपलब्ध है। अन्य नौ बांंध ऐसे भी हैं जिनमें बिल्कुल पानी नहीं है।

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