अहमदाबाद. शहर में किसी रास्ते पर आपको यदि बाइक, स्कूटर पर 'राइड फोर ह्युमेनिटी' का पीले और गुलाबी रंग का स्टीकर लगा दिखे और आपको कहीं पहुंचने के लिए लिफ्ट की जरूरत हो तो बेझिझक लिफ्ट के लिए हाथ उठाइए। वाहन चालक यदि आपके बताए गंतव्य की दिशा में ही जा रहा होगा तो आपको मुफ्त में वहां तक लिफ्ट मिल जाएगी। आपको ना तो रुपए खर्च करने पड़ेंगे और ना ही बस, ऑटो या टैक्सी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
यह सब मुंबई से शुरू हुई राइड फोर ह्युमेनिटी मुहिम के चलते संभव हो सकेगा। क्योंकि इस मुहिम से मुंबईवासी ही नहीं बल्कि अहमदाबाद के लोग भी जुड़ गए हैं। विशेषकर शहर के एल.डी.इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो.जी.पी.वडोदरिया, एनएसएस प्रोफेसर सी.एस.संघवी, किन्नर वाघेला और एनएसएस के २५० स्वयंसेवी छात्रों के अलावा कॉलेज के अन्य ३०० के करीब विद्यार्थी इस मुहिम से जुड़ गए हैं। उन्होंने अपने दुपहिया वाहनों पर पीले और गुलाबी रंग का राइड फोर ह्युमेनिटी स्टीकर लगा लिया है। यानि वे उनके रास्ते में लिफ्ट मांगने वाले व्यक्ति को बिना कोई पैसा लिए मुफ्त में लिफ्ट देने को तैयार हैं।
राज्य के सबसे बड़े सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज एल.डी.इंजीनियरिंग के प्राचार्य प्रो.जी.पी.वडोदरिया ने बताया कि सात अक्टूबर को इस महत्वपूर्ण मुहिम से जुडऩे की तैयारी दर्शाई थी। शुक्रवार सुबह और फिर रात में ला गरबा के दौरान मंच से घोषणा की गई तो प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने बड़ी ही गर्मजोशी से इस मुहिम में जुडऩे की इच्छा जताई।
वे बताते हैं कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सिर्फ दो दिन में ही इस मुहिम से अकेले एल.डी.इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर के ही ५५० के करीब छात्र, छात्राएं, प्राध्यापक सभी जुड़ गए हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात को इस मुहिम से जुडऩे की आधिकारिक घोषणा करने के दौरान इस मुहिम को मुंबई से शुरू करने वाले कलाकार भूषण गोगड भी उपस्थित थे। भूषण का कहना था कि शहरों में दिन ब दिन ट्रैफिक बढ़ रहा है, जिसे न सिर्फ यात्रा महंगी हो रही है बल्कि लोगों का समय भी ज्यादा लगता है। प्रदूषण भी बढ़ता है। इस मुहिम के जरिए आपको बिना कोई अतिरिक्त कार्य किए, खर्च किए लोगों की और समाज व देश की सेवा करने का मौका मिलता है। ऐसा करने से न सिर्फ आप दूसरे की सेवा करते हैं बल्कि शहर को प्रदूषण मुक्त होने से बचाते हैं, ट्रैफिक की समस्या से बचाते हैं। देश की भी सेवा करते हैं। यही वजह है कि उन्होंने सिर्फ एक गुजारिश की है कि लिफ्ट लेने के बाद वाहन चालक को रुपए नहीं दें, ना धन्यवाद कहें बल्कि सिर्फ 'जयहिंदÓबोलें क्योंकि ये देश सेवा का काम है। मुंबई में इस मुहिम से एक हजार दुपहिया वाहन चालक जुड़े हैं।
लिफ्ट देते समय रखें सावधानी
लिफ्ट देते समय कुछ बातों का ध्यान और सावधानी भी रखनी होगी। कसी अज्ञात महिलाओं को, शंकास्पद व्यक्ति को, ज्यादा बुजुर्ग व्यक्ति को, देर रात लिफ्ट ना दें, सूनसान सड़क पर किसी भी व्यक्ति को लिफ्ट देने से बचें।

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