नमामि गंगे की तर्ज पर अब नमामि साबरमती

नमामि गंगे की तर्ज पर अब नमामि साबरमती

Omprakash Sharma | Updated: 04 Jun 2019, 10:51:12 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

- नदी में गिरने वाले दूषित पानी को किया बंद

- स्वच्छ साबरमति महाभियान आज से

अहमदाबाद. नमामि गंगे की तर्ज पर अब साबरमती नदी की सफाई का बीड़ा उठाया गया है। राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और महानगरपालिका साबरमती नदी को संपूर्ण रूप से स्वच्छ करने जा रही है। पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में लगभग दस हजार शहरवासी बुधवार को नदी में उतरकर महा अभियान को गति देंगे। शहर में प्रतिदिन गिरने वाले लगभग १८ करोड़ लीटर अनट्रीटेड पानी को बंद कर दिया गया है। नदी में अब केवल ट्रीट किया हुआ पानी ही छोड़ा जाएगा। गांधी जयंती तक नदी को संपूर्ण रूप से स्वच्छ करने का लक्ष्य भी है।

शहर के बीच से गुजरने वाली साबरमती नदी में अब दूषित पानी नहीं गिरेगा। महानगरपालिका प्रशासन ने नदी में प्रतिदिन गिरने वाले १८ करोड़ लीटर दूषित पानी को लगभग रोक दिया है। मनपा का दावा है कि आगामी गांधी जयंती तक नदी को संपूर्ण रूप से साफ कर दिया जाएगा। अहमदाबाद शहर में साबरमती रिवरफ्रंट के दोनों किनारों की लंबाई २३.५० किलोमीटर है। इन दिनों राज्य सरकार के सिंचाई विभाग की ओर से साबरमती नदी का जलस्तर कम किया गया है। जिससे मनपा ने नदी की सफाई शुरू की गई है। साबरमती के पानी को स्वच्छ रखने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने नदी में प्रतिदिन गिरने वाले अनट्रीटेड १८ करोड़ लीटर पानी को रोकने की कवायद शुरू की है। इसमें से १७.५० करोड़ लीटर पानी को रोक भी दिया गया है। शेष दूषित पानी को आगामी कुछ दिनों में बंद कर दिया जाएगा।
२५० टन कूड़ा निकाला
गत १४ मई से साबरमती नदी की सफाई शुरू की गई थी। सोमवार तक नदी में से २५० टन कूड़ा निकाला जा चुका है। नदी में प्रतिदिन लगभग २०० मजदूर सफाई काम में जुटे हुए हैं। नदी में से अधिक मात्रा में प्लास्टिक जैसा कूड़ा निकल रहा है। 98 प्रतिशत गंदगी शहर की गटरों के गंदे पानी से होती है और 2 प्रतिशत गंदगी शहर में लगभग 14 आउटलेट्स नदी में खुलते हैं, जिनके माध्यम से 178 .5 एमएलडी पानी नदी में छोड़ा जाता है, जिससे नदी में गंदगी फैलती है। महानगर पालिका ने इनमें से लगभग सभी आउटलेट्स बंद करवा दिए हैं। नदी अब गटर के पानी को ट्रीट करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। इसके लिए करोड़ों रुपए के खर्च से एसटीपी प्लान्ट तैयार हो रहे हैं।

गांधी जयंती तक नदी पूरी तरह से होगी स्वच्छ

साबरमती रिवरफ्रंट डवलेपमेंट की ओर से नदी के २३.५० मीटर लंबे नदी (दोनों साइड) को साफ किया जा रहा है। नदी में प्रतिदिन गिरने वाले अनट्रीटेड पानी को लगभग बंद किया जा चुका है। नदी को साफ करने के लिए शहरवासी भी स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं। पर्यावरण दिवस से नौ जून तक शहर के इन्दिरा ब्रिज से लेकर वासणा बेरेज तक सफाई की जाएगी। इसमें लगभग दस हजार लोग स्वैच्छा से मौजूद रहेंगे। नदी को संपूर्ण रूप से आगामी गांधी जयंती तक संपूर्ण रूप से साफ कर दिया जाएगा।
- विजय नेहरा, अहमदाबाद मनपा आयुक्त।

एनजीओ जुड़ रही हैं महाभियान में

शहर में साबरमती नदी की सफाई करने के लिए कई स्वैच्छिक संस्थाएं आगे आई हैं। सफाई के लिए उपयोग किए जाने वाली मशीनें और मजदूरों का खर्च मनपा वहन करेगी। इसमें बहुत ज्यादा खर्च आने की संभावना नहीं है।
- अमूल भट्ट, चेयरमैन, स्टेंडिंग कमेटी, अहमदाबाद मनपा

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...अब रूपाणी की गंगापुत्री की पुकार

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार भगवान शिव मां गंगा को गुजरात को लेकर आए थे, ऐसा माना जाता है कि तभी साबरमती नदी का आविर्भाव हुआ था। इस प्रकार साबरमती को माता गंगा की पुत्री के रूप में जाना जाता है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेन्द्र मोदी ने सूखी पड़ी साबरमती नदी में नर्मदा का जल लाकर पहले इसका उद्धार किया था। इसके बाद अहमदाबाद में साबरमती नदी के तट पर बसी झुग्गी झोपडिय़ों की जगह सिंगापुर और लंदन की टेम्स नदी की तर्ज पर रिवरफ्रंट का विकास कर देश और दुनिया का ध्यान अहमदाबाद की ओर खींचाथा। अब गंगा सफाई अभियान की तरह साबरमती नदी को लेकर स्वच्छता अभियान आरंभ होगा।
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