अब अहमदाबाद में बैठकर क्षिप्रा नदी किनारे पितृदान भी संभव

अब अहमदाबाद में बैठकर क्षिप्रा नदी किनारे पितृ दान अथवा कोई भी विधि करवाना संभव हो सकेगा। यह काम थर्ड आई स्पिरिचुअल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से यहां रविव

By: मुकेश शर्मा

Published: 22 Aug 2017, 10:13 PM IST

अहमदाबाद।अब अहमदाबाद में बैठकर क्षिप्रा नदी किनारे पितृ दान अथवा कोई भी विधि करवाना संभव हो सकेगा। यह काम थर्ड आई स्पिरिचुअल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से यहां रविवार को लांच किए गए वेब पोर्टल एस्ट्रोइन्फोलान : दि स्पिरिचुअल सर्च इंजन से संभव होगा।

वेब पोर्टल लांच करने के बाद थर्ड आई स्पिरिचुअल रिसर्च फाउंंडेशन की निदेशक विसृता त्रिवेदी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वेब पोर्टल में ज्योतिष, वास्तुशास्त्री, टैरोकार्ड रीडर, के.पी. सिस्टम, अंक शास्त्री, सही विश्लेषक, चेहरा व पैर एवं हथेली पढऩे वाले, रेकी हीलर्स, रमल शास्त्री, कर्म कांडी, कलर थैरेपी, योग और ध्यान से जुड़े सभी प्रकार के लोग इस पोर्टल के साथ जुड़ सकते हैं।

उन्होंने बताया कि लांच के दिन ही छह हजार लोग इस पोर्टल पर पंजीकृत हुए। इन लोगों की ओर से किए जा रहे कार्य व प्राप्त प्रमाण-पत्र के आधार पर इनका पंजीकरण किया गया। इस पोर्टल पर लोगों को एक ही जगह पर सारी जानकारी मिलेगी और उनका कार्य आसान होगा। इस पोर्टल के माध्यम से भारत वर्ष में होने वाले सभी आध्यात्मिक कार्यक्रमों की सूचना उपलब्ध रहेगी। त्रिवेदी ने कहा कि यह एक ऐसा सर्च इजन है जिसमें दुनियाभर के ज्योतिष, वास्तुशास्त्री और इस क्षेत्र से जुड़े लोग इस पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं।

फाउंडेशन के पास माता-पिता एवं युवा भी वास्तु से जुड़ी चीजें सीखने आते हैं। फाउंडेशन का लक्ष्य ऐसे लोगों को उनकी अपनी दुनिया से जोडऩा और उन्हें जागृत करना है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजर्स सोसायटी के अध्यक्ष अरुण कुमार बंसल आदि भी मौजूद थे।

प्रार्थना में विद्यार्थियों को बताएं लक्षण, बचाव उपाय

राज्य में स्वाइन फ्लू के बढ़ते कहर को देखते हुए स्कूलों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। शहर जिला शिक्षा अधिकारी ने शहर के सभी प्राइमरी, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के संचालक-प्राचार्यों को फरमान जारी कर प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को स्वाइन फ्लू के लक्षण व बचाव के उपाय के बारे में मार्गदर्शन देने को कहा है।
स्वाइन फ्लू का वायरस प्लास्टिक, स्टील, फोन, लैपटॉप, दरवाजा के कुंदा जैसी वस्तुओं पर दो दिनों तक जिंदा रह सकता है, जिससे इस मामले में स्कूलों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा है। स्कूल के शौचालय की नियमित सफाई कराने, जंतुनाशक दवा डालने, स्कूल के आसपास के इलाके में जमा होने वाले पानी को निकालने की व्यवस्था करने व दवाई का छिडक़ाव कराने का निर्देश दिया है।

स्कूल में आने वाले किसी भी विद्यार्थी में यदि स्वाइन फ्लू के लक्षण (सामान्य से अधिक बुखार हो, गला दुखता हो व सूजन आई हो, सर्दी, खांसी हो, कमजोरी हो, उल्टी-दस्त हो रहे हों, गले से रक्त निकले, ठंडी लगे, शरीर टूटे, बच्चा खेलता ना हो,गुमशुम रहे, उसे सांस लेने में तकलीफ हो) दिखें तो विद्यार्थी के परिजनों को बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें।

 

मुकेश शर्मा Reporting
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