भटनागर पिता-पुत्र की जमानत याचिका पर फैसला कल संभव

-पुत्र की नियमित जमानत वहीं पिता की मेडिकल जमानत की गुहार

-11 बैंकों के साथ २६५४ करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

By: Uday Kumar Patel

Published: 16 May 2018, 11:09 PM IST

 

अहमदाबाद. सीबीआई की विशेष अदालत 11 बैैंकों के साथ 2654 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी और वडोदरा की केबल निर्माता कंपनी-डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्टर लिमिटेड (डीपीआईएल) के निदेशक अमित भटनागर की जमानत याचिका पर संभवत: शुक्रवार को फैसला सुनाएगी। वहीं कंपनी के मालिक व संस्थापक सुरेश भटनागर की मेडिकल जमानत पर भी संभवत: 18 मई को फैसला सुनाया जाएगा।
निदेशक अमित भटनागर की ओर से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सीबीआई ने गलत तरीके से उसे फंसाया है। इस मामले में कोई बैंक अधिकारी या बैंक शिकायतकर्ता नहीं बना है बल्कि सीबीआई शिकायतकर्ता है। जांच में सहयोग दिया है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। उधर
सीबीआई ने दलील दी कि यह बड़ा घोटाला है और ऐसे आरोपी को जमानत पर छोड़ा गया तो उसके विदेश भागने की आशंका है। इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
उधर सुरेश भटनागर ने बीमारी के आधार पर जमानत याचिका दायर की गई है। आरोपी की ओर से कहा गया कि वह कई बीमारियों से पीडि़त है। वृद्ध है और उसका उपचार जारी है। इसलिए खराब तबियत के कारण उसे जमानत दी जानी चाहिए। उधर सीबीआई ने दलील दी कि इस मामले में आरोपी की प्रथम दृष्टया संलिप्तता है। फिलहाल जांच अहम चरण में है। जमानत दी गई तो आरोपी के विदेश भागने की आशंका है। इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
सीबीआई ने इस मामले में सुरेश भटनागर व उसके दो पुत्रों-सुमित भटनागर व अमित भटनागर को को गत महीने राजस्थान के उदयपुर से हिरासत में लेकर अगले दिन गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों पर 11 बैंकों के साथ 2654 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई ने गत 5 अप्रेल को कंपनी के संस्थापक, प्रबंध निदेशक, संयुक्त निदेशक व बैंकों के कथित अअिधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध विश्वासघात व ठगी का मामला दर्ज किया था।

Uday Kumar Patel Reporting
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