scriptOrganic farming showed a new path to the farmers | Gujarat Motivational News : कैंसर से जीती जंग, 2 लाख की नौकरी गंवाने पर भी नहीं टूटा मनोबल | Patrika News

Gujarat Motivational News : कैंसर से जीती जंग, 2 लाख की नौकरी गंवाने पर भी नहीं टूटा मनोबल

  • जज्बे को सलाम : आर्गेनिक खेती से दिखा किसानों को नई राह

अहमदाबाद

Published: May 18, 2022 12:46:18 am

आणंद. इंसान यदि अडिग हो तो उसे हिमालय भी उसे डिगा नहीं सकता। यह उक्ति खेड़ा जिले की कपडवंज तहसील के आंबलियाला गांव के युवक ने चरितार्थ कर दिखाया है। राजकोट में एक निजी कंपनी में नौकरी कर प्रति माह दो लाख रुपए कमाने वाले तुषार पटेल (40) के जीवन ने अचानक कठिन मोड़ तब ले लिया जब उसे कैंसर होने का पता चला। गले का कैंसर चौथे चरण तक जा पहुंचा था।
लेकिन दृढनिश्चय और पिता के बढ़ाए गए आत्मविश्वास के कारण उसने उपचार के एक वर्ष बाद मीरागांव में आर्गेनिक खेती की शुरुआत की। कैंसर जैसी बीमारी से पीडि़त रहे युवक ने लोगों को अपने पैदावार जहरमुक्त खाद्य देने का निर्णय किया। तुषार के मुताबिक वे राजकोट की निजी कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत थे जहां पर वे 150 लोगों करे टीम लीडर थे। करीब दो वर्ष पूर्व उन्हें कैंसर होने की जानकारी मिली। उन्हें बताया गया कि कैंसर होने का प्रबल कारण रासायनिक खाद और कीटनाशक युक्त उपज का सेवन करना है। इस बात को जानकर वे कैंसर के इलाज के दौरान इससे मुक्त उपज पैदा करने का संकल्प करने लगे। गत वर्ष जून महीने से उन्होंने आर्गेनिक खेती की शुरुआत की। पहले साल उन्होंने लाल-पीले तरबूज और गन्ना का भरपूर उत्पादन किया। तुषार कपड़वंज तहसील के 150 किसानों को किसान शिविर के जरिए आर्गेनिक खेत का प्रशिक्षण भी दे चुके हैं। आर्गेनिक खेती के तहत देशी गाय का गोबर, गौमूत्र, गूड़ समेत अन्य चीजों को एक बड़े बर्तन में बंद कर 50 दिन बाद इससे तैयार खाद का उपयोग किया जाता है। तुषार ने कहा कि आर्गेनिक खेती से एक टन फल का उन्हें 15 हजार रुपए भाव मिलता है। सभी पैदावार को बड़े शहरों के बड़े वितरक यहीं से ले जाते हैं।
Gujarat Motivational News : कैंसर से जीती जंग, 2 लाख की नौकरी गंवाने पर भी नहीं टूटा मनोबल
Gujarat Motivational News : कैंसर से जीती जंग, 2 लाख की नौकरी गंवाने पर भी नहीं टूटा मनोबल
पिता ने की भरपूर मदद
तुषार की खेती अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई। आणंद कृषि यूनिवर्सिटी में खेती सहायक के रूप में कार्यरत पिता गोरधन पटेल ने अपने पुत्र के साथ खेती कर भरपूर मदद की। पिता के मार्गदर्शन से उन्होंने 20 बीघे जमीन में पपीता और 7 एकड़ जमीन में 100 टन से अधिक लाल-पीले तरबूज, खरबूजा आदि फलों की आर्गेनिक खेती की। तुषार ने बताया कि रासायनिक खेती से खेत मृतप्राय हो जाते हैं। आर्गेनिक खेती से जमीन उपजाऊ होती है। उन्होंने किसानों से कहा कि आगामी समय में उन्हें आर्गेनिक खेती की ओर जाने पर विवश होना पड़ेगा।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हैदराबाद में शुरू हुई BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकUdaipur Kanhaiya Lal Murder Case में बड़ा खुलासा: धमकियों के बीच कन्हैयालाल ने एक सप्ताह पहले ही लगवाया था CCTV, जानिए पुलिस को क्या मिला...Udaipur Kanhaiya Lal Murder Case : कोर्ट तक यूं सुरक्षित पहुंचे कन्हैया हत्याकांड के आरोपी लेकिन...ऋषभ पंत 146, रवींद्र जडेजा 104, टीम इंडिया का स्कोर 416, 15 साल बाद दोनों ने रच दिया बड़ा इतिहासMumbai: बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने मुंबई की सड़कों पर गड्ढों को देखकर जताई चिंता, किया पुराने दिनों को याद250 मिनट में पूरा हुआ काशी का सफर, कानपुर-वाराणसी सिक्स लेन का स्पीड ट्रायल सफलनूपुर शर्मा के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने जारी किया लुकआउट नोटिस, समन के बाद भी नहीं हुई हाजिरMaharashtra Politics: देवेंद्र फडणवीस किसके कहने पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बनने के लिए हुए तैयार, सामने आई बड़ी जानकारी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.