लोक अदालतों में एक लाख दस हजार मामले पेश

मेट्रोपोलिटन अदालत में करीब 30 फीसदी मामलों का निपटारा

By: Uday Kumar Patel

Published: 10 Feb 2018, 10:12 PM IST


अहमदाबाद. उच्च न्यायालय सहित राज्य भर की लगभग सभी अदालतों में शनिवार को लोक अदालतें आयोजित की गई। इसमें करीब एक लाख 10 हजार मामलों को विभिन्न अदालतों में पेश किया गया था। उच्च न्यायालय में २५९ मामले, मेट्रोपोलिटन अदालत में 23 हजार मामले, फैमिली कोर्ट में 400 से ज्यादा मामले, मिर्जापुर स्थित अहमदाबाद ग्राम्य अदालत व शहर के नवरंगपुरा स्थित शहर सत्र न्यायालय में भारी संख्या में मामले निपटारे के लिए रखे गए थे।
मेट्रोपोलिटन अदालत में करीब 30 फीसदी मामलों का निपटारा किया गया जबकि अन्य अदालतों में भी अच्छी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया।
उल्लेखनीय है कि बैंकिंग संबंधी मामले, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के मामले, वाहन दुर्घटना के मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में पेश किया जाता है। वकीलों को कहना है कि इस प्रकार की राष्ट्रीय लोक अदालतों के कारण मामलों का भार कम हो जाता है।

लेबर कोर्ट के वकीलों ने किया लोक अदालत का बहिष्कार


अहमदाबाद. एक तरफ जहां राज्य की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया वहीं ऑल गुजरात लेबर लॉ प्रैक्टिशनर्स फेडरेशन की ओर से उनके लंबित मुद्दों के समाधान की मांग के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया।
फेडरेशन के अध्यक्ष जे एम पटेल का कहना है कि लेबर कोर्ट व इंडस्ट्रियल कोर्ट में पिछले कई वर्षों से काफी कम स्टाफ हैं। इनमें 90 फीसदी पद रिक्त हैं। इस संबंध में पहले भी उच्च न्यायालय से गुहार लगाई गई है, तब उच्च न्यायालय की ओर से कहा गया कि वर्ष 2016 में भर्ती की जाएगी, लेकिन किन्हीं कारणवश ऐसा नहीं हो सका है। इसके अलावा यदि कोई लेबर लॉ के प्रावधानों के उल्लंघन पर आपराधिक मामला बनता है और ऐसे मामले आपराधिक कोर्ट में जाते हैं। इसलिए इस प्रकार के मामले लेबर कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने चाहिए। वर्ष 2016 में इस संबंध में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को ऐसा निर्देश भी दिया था, लेकिन इसका उचित अमल नहीं हो सका है। इसके अलावा लेबर कोर्ट में सिविल जज की नियुक्ति की जाती है, इसकी जगह लेबर जुडिशियरी की अलग से कैडर बनाई जानी चाहिए। इन सभी मांगों का अभी तक निपटारा नहीं हो सका है, इस कारण ऑल गुजरात लेबर लॉ प्रैक्टिशनर फेडरेशन ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया।

Uday Kumar Patel Reporting
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