लोस चुनाव देख दी सरकारी लॉलीपॉप: धानाणी

सवर्णों को १० फीसदी आरक्षण पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

 

By: nagendra singh rathore

Published: 07 Jan 2019, 11:17 PM IST

अहमदाबाद. सवर्णों को 10 फीसदी आर्थिक आरक्षण देने के केन्द्र सरकार की घोषणा को गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए सरकारी लॉलीपॉप भाजपा सरकार ने दी है।
केन्द्र सरकार के पांच साल पूरे होने को हैं लोकसभा सत्र का भी मंगलवार को अंतिम दिन है, तब केन्द्र सरकार ने यह घोषणा की है। ऐसा करके युवाओं को सरकारी लॉलीपॉप दी है। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुजरात में भाजपा की बहुमति है। कांग्रेस ने सवर्णों को आरक्षण दिलाने के लिए वर्ष २०१७ और २०१८ में विधानसभा में निजी विधेयक पेश किया था। भाजपा सरकार ने विधानसभा में इस विधेयक के विरुद्ध में मतदान किया।


घोषणा ही ना रहे लाभ भी दिलाकर दिखाए सरकार: चावड़ा
अहमदाबाद. गुजरात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा सिर्फ चुनावी घोषणा या मत पाने के लिए की गई घोषणा बनकर ना रह जाए। यह देखना होगा। सच्चे अर्थ में सवर्णों को लाभ दिलाए ऐसी सरकार से अपेक्षा है।
केन्द्र सरकार को साढ़े चार साल पूरे हो गए हैं। शुरूआत में ही यदि यह घोषणा की होती तो आज यह लागू भी हो गई होती। सवर्णों को इस घोषणा का लाभ भी मिल गया होता। देर से ही सही लेकिन केन्द्र सरकार नेे जो घोषणा की है। उसका वह स्वागत करते हैं।

 

हार्दिक पटेल बोले: 10 फीसदी आर्थिक आरक्षण राफेल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश
अहमदाबाद. लोकसभा चुनाव से पहले सवर्ण जातियों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने की केन्द्र सरकार की घोषणा को पाटीदारों को ओबीसी आरक्षण दिलाने के लिए तीन साल से आंदोलन कर रहे हार्दिक पटेल ने संसद में राफेल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।
हार्दिक ने कहा कि गुजरात के बाद मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनावों में सवर्ण जातियों-पटेल, ब्राह्मण, राजपूतों की नाराजगी का सामना करने वाली भाजपा सरकार अब सवर्णों को मनाने के लिए लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें दस प्रतिशत आरक्षण देनेकी घोषणा कर रही है। लेकिन बिना सर्वे कराए सरकार संविधान की किस धारा के तहत यह आरक्षण देगी इसका खुलासा नहीं किया है। यदि वाकई में सरकार गंभीरता पूर्वक सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाली है। संविधान संशोधन करके इसे लागू कर दे तो वे इसका स्वागत करेंगे। लेकिन यदि यह घोषणा भी गुजरात विधानसभा चुनावों के दौरान पाटीदारों को दस फीसदी ईबीसी आरक्षण देने की घोषणा की तरह लॉलीपॉप साबित हुई तो वे कड़ा विरोध करेंगे। संविधान में जाति एवं सामाजिक रूप से पिछड़े होने के आधार पर आरक्षण देने का प्रावधान है। आर्थिक आधार पर आरक्षण कैसे देंगे यह देखना होगा।

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