तेल के बढ़ते दामों के खिलाफ सडक़ों पर उतरें लोग: सिन्हा

तेल के बढ़ते दामों के खिलाफ सडक़ों पर उतरें लोग: सिन्हा

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 07 2018 05:24:09 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

-हार्दिक पटेल से मिलने आए पूर्व वित्त मंत्री का आह्वान

-लगातार टैक्स बढ़ा कर मोदी सरकार मौज में, जनता परेशान

अहमदाबाद. भाजपा से पूर्व नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने देश में तेल के बढ़ते दामों के खिलाफ लोगों को सडक़ों पर उतरने का आह्वान किया। आमरण पर बैठे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल से भाजपा सांसद व बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा के साथ मंगलवार को मिलने आए सिन्हा ने कहा कि लोगों को तेल की बढ़ती कीमतों से रियायत देने की जगह केन्द्र सरकार लगातार टैक्स में इजाफा करती जा रही है।
मोदी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए सिन्हा ने कहा कि जब यह सरकार वर्ष 2014 में सत्ता में आई थी तब तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल थी, बाद में यह कीमत गिरकर 25 डॉलर प्रति बैरल तक हो गई, तब मोदी सरकार को तेल की कीमतें कम करनी चाहिए, लेकिन इसके बावजूद सरकार टैक्स में लगातार वृद्धि करती रही।
आर्थिक मुद्दे पर मोदी सरकार की लगातार टिप्पणी करने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि लगातार टैक्स बढ़ाने के कारण एक तरफ जहां सरकार मौज-मस्ती करती रही वहीं जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके 80 वर्षीय सिन्हा ने यह भी कहा कि अब जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं ऐसे में सरकार इसके धाम लगातार बढ़ा रही है। तेल की कीमतें इतनी ज्यादा कभी नहीं हुई। ऐसे में आम लोगों को सडक़ों पर उतरकर आंदोलन करना चाहिए।
तेल की कीमतें कम करने के उपाय को लेकर उन्होंने कहा कि जब केन्द्र सरकार ने जीएसटी लागू किया तभी पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के तहत लाना चाहिए, लेकिन केन्द्र सरकार ने ऐसा नहीं किया। केन्द्र सरकार को इन पदार्थों पर टैक्स कम करना चाहिए।

किसानों को लेकर देश भर में होगा आंदोलन

पूर्व वित्त मंत्री सिन्हा ने कहा कि राज्य के साथ-साथ केन्द्र सरकार को हार्दिक की पूरी बातों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेेताओं ने हार्दिक को कुछ सुझाव दिए हैं और उन्हें यह कहा कि किसानों से जुड़ी मांगों को लेकर देश भर में मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि हार्दिक ने किसानों व किसानी (खेती) का मुद्दा उठाया है और वे लोग उनके साथ खड़े हैं। किसानों की मांगों को लेकर वे लोग देश के कोने-कोने में जाएंगे।
पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि किसानों को लेकर लड़ाई पूरे देश में चल रही है। किसान बेहाल हैं। महाराष्ट्र के अकोला के साथ-साथ मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में भी किसानों की लड़ाई जारी है। बिना कर्ज माफ किए देश का किसान खुशहाल नहीं हो सकता। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार हार्दिक के आंदोलन पर कभी चेतेगी या सावधान होगी।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश के कई भागों में आरक्षण को लेकर आंदोलन जारी है। आर्थिक व शोषित दृष्टिकोण से जो लोग पीछे हैं उन्हें जरूर आरक्षण मिलना चाहिए। इस संबंध में भारत सरकार को सोचने की जरूरत है।

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