गुजरात के चारों महानगरों में एक मार्च से शुरू होंगे कोर्ट

physical functioning of courts, Gujarat highcourt, SOP, Ahmedabad, Vadodara, Rajkot, Surat सोशल डिस्टेंसिंग की पालना, मास्क पहनना जरूरी, न्यायिक अधिकारियों सहित सभी का प्रवेश द्वार पर मापा जाएगा तापमान

By: nagendra singh rathore

Published: 05 Feb 2021, 08:34 PM IST

अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय ने एक मार्च से राज्य के अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट महानगर में फिजीकल सुनवाई शुरू करने को मंजूरी दे दी है। गुजरात में कोरोना की काबू होती परिस्थिति और विभिन्न अदालतों के बार एसोसिशन की ओर से की गई मांग को ध्यान में रखते हुए यह मंजूरी दी गई है।
इन चारों ही महानगरों की अदालतों में एक मार्च से सुबह १०.४५ बजे से शाम छह बजे तक नियमित समय तक काम जारी रखा जा सकेगा। हालांकि इसके लिए संबंधित अदालतों के न्यायिक अधिकारियों को उनके अदालत परिसर और सभी अदालतों में कोरोना के नियमों की पालना सुनिश्चित हो उसके लिए कोविड ऑफिसर की नियुक्ति करनी होगी। अधिकारी की मदद के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराना होगा, जो प्रतिदिन प्रत्येक अदालत का दौरा कर यह सुनिश्चित करेगा कि कोरोना की रोकथाम के लिए सभी अदालतों में पर्याप्त जरूरी कदम उठाए जाएं। अदालतों में फिजीकल कामकाज को लेकर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी की गई है।
जिसके तह अदालत परिसर में बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश द्वार पर न्यायिक अधिकारी से लेकर वकील और सभी कर्मचारी तथा वादियों का टैम्परेचर गन से तापमान जांचना जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना जरूरी है। कंटेनमेंट जोन में आने वाली अदालतों में फिजीकल कामकाज अभी शुरू नहीं होगा। उनमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुनवाई जारी रखी जाएगी।
हैंड सेनेटाइजर को अदालत परिसर के प्रवेश द्वार और कोर्ट रूम के प्रवेश द्वार पर उपलब्ध कराना होगा। कोविड ऑफिसर व टीम यह सुनिश्चित करे कि प्रतिदिन कोर्ट परिसर, विशेषकर हैंड रेलिंग, डोर, हैंडल, सीट और केस फाइलिंग विंडो तथा ऐसी जगह जो लोगों के ज्यादा संपर्क में आती हैं उनकी पर्याप्त सफाई हो। उनका सेनेटाइजेशन हो। इतना ही नहीं पीडब्ल्यूडी एवं आरएंडबी वर्क डिपार्टमेंट को निर्देश दिए जाएं कि वे न्यायिक अधिकारियों की डायस, वकीलों के बैठने की जगह और वादियों के बैठने की जगह के बीच एक्रेलिक शीट लगाएं। प्रशासनिक विभाग में भी इसे लगाया जाए। कोर्ट रूम और प्रशासनिक अधिकारी जहां काम करते हैं वहां पर्याप्त वेंटिलेशन और एयर सरकुलेशन की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए।
न्यायिक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जब तक अनिवार्य नहीं हो वादियों को कोर्ट परिसर में उपस्थित ना रखें। आउटसाइड वेंडर और अन्य विजिटर का कोर्ट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
कोर्ट परिसर की कैंटीन में सिर्फ चाय, कॉफी और पैक फूड तथा पैक पानी की बोतल की ही बिक्री की जाए। कोर्ट परिसर में स्थित एटीएम को बंद रखा जाएगा।
यह सुनिश्चित किया जाए कि अदालत परिसर में स्थित शौचायलयों की पर्याप्त साफ सफाई हो। वहां पर हैंड वॉश व शॉप उपलब्ध हो।
न्यायिक अधिकारियों से लेकर वकीलों तथा कोर्ट के कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप्लीकेशन अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करनी होगी। किसी भी न्यायिक अधिकारी कर्मचारी या वकील को बुखार, सर्दी हो और कोरोना के लक्षण लगें तो वह तत्काल परिसर छोड़ दें। सभी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

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