बर्खास्त आईपीएस संजीव भट्ट को जेल भेजा

बर्खास्त आईपीएस संजीव भट्ट को जेल भेजा

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 06 2018 11:22:51 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

- 22 साल पुराने मामले में हुई थी गिरफ्तारी

-वकील पर एनडीपीएस का फर्जी केस

 

अहमदाबाद. पालनपुर की अदालत ने बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को 22 वर्ष पुराने एनडीपीएस के एक फर्जी मामले को लेकर जेल भेज दिया। सीआईडी क्राइम ने भट्ट को बुधवार को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने गुरुवार को भट्ट को पालनपुर की अदालत में रिमाण्ड के लिए पेश किया। सीआईडी क्राइम की ओर से अदालत से भट्ट से पूछताछ के लिए 14 दिनों के रिमाण्ड की मांग की गई। अदालत ने जांच एजेंसी की रिमाण्ड की मांग नामंजूर करते हुए आरोपी पूर्व पुलिस अधिकारी को पालनपुर सब जेल भेजने का निर्देश दिया।
भट्ट के साथ इस मामले में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक एवं सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक आई.बी.व्यास को भी गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने व्यास की भी रिमाण्ड नामंजूर कर दी।
बनासकांठा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के रूप में ३० अप्रेल १९९६ को पालनपुर थाने में दर्ज एनडीपीएस के फर्जी मामले में भट्ट की गिरफ्तारी हुई है। गुजरात उच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। राजस्थान के वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित की ओर से वर्ष १९९८ में दायर याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय ने गत अप्रेल महीने में फैसला सुनाते हुए सीआईडी क्राइम से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करते हुए तीन महीने में जांच पूरी करने को कहा था।
एसआईटी के मुखिया सीआईडी क्राइम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) अजय तोमर हैं वहीं टीम के अन्य सदस्यों में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) दीपांकर त्रिवेदी और जांच अधिकारी एसपी वीरेन्द्र यादव शामिल हैं।
इस मामले में गठित एसआईटी के मुताबिक इस प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया कि तत्कालीन बनासकांठा एसपी संजीव भट्ट ने राजस्थान के पाली जिले के वद्र्धमान मार्केट स्थित एक दुकान को खाली कराने के लिए तत्कालीन दुकान के कब्जाधारक पाली में बापूनगर निवासी वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित पर एनडीपीएस का फर्जी केस पालनपुर थाने में ३० अप्रेल १९९६ को दर्ज किया था। इस मामले में सुमेर सिंह की कुछ दिनों बाद ही गिरफ्तारी भी की थी।
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को वर्ष २०१५ में केन्द्र सरकार की ओर से बर्खास्त किया जा चुका है।

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