गुजरात चुनाव का ऐलान न होने पर सियासत गर्म

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 13 2017 05:35:49 (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
गुजरात चुनाव का ऐलान न होने पर सियासत गर्म

गुज़रात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के ऐलान का गुरुवार को सभी को इंतजार था। मगर सिर्फ हिमाचल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई। इस पर कांग्र

अहमदाबाद/चंडीगढ़।गुज़रात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के ऐलान का गुरुवार को सभी को इंतजार था। मगर सिर्फ हिमाचल विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई। इस पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि क्या गुजरात में चुनाव आचार संहिता की घोषणा इसलिए नहीं हो रही क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी 16 अक्टूबर को लुभावने जुमले देने वहां जा रहे हैं? हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने पीएम के आगामी दौरे की वजह से राज्य में चुनाव का ऐलान नहीं होने के आरोप को गलत बताया है।

उन्होंने कहा कि बर्फबारी की आशंका से हिमाचल में चुनाव पहले किए गए। जबकि,गुजरात सरकार ने बाढ़ की समस्या बताते हुए समय मांगा था। उन्होंने कहा गुजरात की पोलिंग 18 दिसंबर से पहले हो जाएगी, मगर गुजरात चुनाव की काउंटिंग की तारीख अभी तय नहीं।

९ नवंबर को वोटिंग, नतीजे १८ दिसंबर

हिमाचल प्रदेश में तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। 16 अक्टूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिले शुरू हो जाएंगे। नामांकन 23 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे। नौ नवंबर को सभी 68 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम 18 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।


पिछले तीन विधानसभा चुनावों के परिणामों पर नजर डाली जाए तो दोनों प्रमुख दल बारी-बारी से एक दूसरे को सत्ता से बाहर करते रहे है। प्रदेश में मतदाताओं के सामाजिक विभाजन देखा जाए तो राजपूत मतदाता सर्वाधिक 37.5 फीसदी हैं। दलित 26.5 फीसदी, ब्राह््मण 18 फीसदी, गढी 1.5 फीसदी और अन्य 16.5 फीसदी हैं। इस विधानसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में वीवीपीएटी मतदान मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

भाजपा को हराने महागठबंधन करेंगे : छोटू

जनता दल-यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एसओएस अधिकार महासंघ की गुजरात इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक छोटू वसावा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को कहा कि वे पिछले 40 वर्ष से गरीब, पीडि़त व शोषित लोगों के संवैधानिक अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि गुजरात में सुख-शांति, समृद्धि व सर्वांगीण विकास के लिए भाजपा के विरुद्ध एक मोर्चा बनाना जरूरी है। इसलिए लोकतंत्र व संविधान को मानने वाले छोटे-बड़े दलों को कांग्रेस के साथ महागठबंधन करके चुनाव लडऩा चाहिए, तभी गुजरात में भाजपा को आसानी से पराजित करने की स्थिति बन सकती है। एसएसओ अधिकार महासंघ की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रवक्ता करणा मालधारी ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में जनता दल की गुजरात इकाई सहित छोटे-बड़े दलों के साथ एक मोर्चा बनाकर चुनाव लडऩे की प्रक्रिया जारी है और इसके लिए कांग्रेस से भी चर्चा चल रही है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned