Ahmedabad News : 71वें अणुव्रत स्थापना दिवस का कार्यक्रम

साध्वी सत्यप्रभा ने कहा : दीपशिखा का काम कर रहा अणुव्रत है सब धर्मों का सार

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 01 Mar 2020, 11:16 PM IST

अहमदाबाद. अणुव्रत समिति की अहमदाबाद इकाई की ओर से 71 वें अणुव्रत स्थापना दिवस का कार्यक्रम साध्वी सत्यप्रभा के सानिध्य में शाहीबाग क्षेत्र स्थित तेरापंथ भवन में रविवार को आयोजित किया गया।
साध्वी सत्यप्रभा ने कहा कि राजस्थान के सरदारशहर में आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन की स्थापना 1 मार्च 1949 को की। वह आंदोलन आज भी नैतिक मूल्यों व मानवीय मूल्यों के विकास के लिए चल रहा है। उन्होंने कहा कि अणुव्रत दीपशिखा का काम कर रहा है, सब धर्मों का सार है।
वर्तमान में अणुव्रत की प्रांसगिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि आचार्य तुलसी ने अणुव्रत का उद्घोष दिया 'सुधरे व्यक्ति, समाज तो व्यक्ति से राष्ट्र स्वयं सुधरेगा'। सभी व्यक्तियों को सर्वप्रथम अणुव्रत के दर्शन को समझकर उसे जीवन में अपनाना होगा। उससे व्यक्ति में सुधार होगा, जिससे समाज और राष्ट्र में अपने-आप सुधार हो सकेगा इसलिए सर्वप्रथम अपने-आप को बदलने की कौशिश करनी होगी।
साध्वी ध्यानप्रभा ने कहा कि अणुव्रत व्यक्ति के मानवीय निर्माण की गाथा है, इसका जो भी साक्षात्कार करता है वह संयम के पथ की ओर अग्रसर हो सकता है। साध्वी श्रुतप्रभा ने अणुव्रत दर्शन व अणुव्रत आचार संहिता की जानकारी देते हुए इन्हें अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। समणी हर्षप्रज्ञा ने गीतिका के माध्यम से अणुव्रत को अपनाने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि तेरापंथ महासभा के कार्यकारिणी सदस्य नानालालजी कोठारी ने प्रांसगिक वक्तव्य दिया। विशेष अतिथि तेरापंथ महिला मंडल की अहमदाबाद इकाई की अध्यक्षा मनीता चौपड़ा ने कहा कि भगवान महावीर के महाव्रत और अणुव्रत को आचार्य तुलसी ने छोटे छोटे नियमों के माध्यम से 71 वर्ष पूर्व अणुव्रत आंदोलन का रूप दिया जो आज भी प्रांसगिक है। अणुव्रत समिति की अहमदाबाद इकाई की प्रचार-प्रसार मंत्री लाडदेवी बाफना ने अणुव्रत आंदोलन व अणुव्रत स्थापना दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि अणुव्रत किसी भी जाति, रंग, धर्म, संप्रदाय वाला व्यक्ति अपना सकता है, यह मानव-मात्र के नैतिक विकास का आंदोलन है। अणुव्रत समिति उपाध्यक्ष प्रकाश धींग व मनोहर सौलंकी ने मंगलाचरण किया।
अणुव्रत समिति की अहमदाबाद इकाई के अध्यक्ष विमल बोरदिया ने स्वागत व अध्यक्षीय भाषण देते हुए कहा कि अणुव्रत अहिंसक-नैतिक चेतना का प्रवर प्रतिनिधित्व करता है, स्वस्थ समाज संरचना में अणुव्रत स्तम्भ का काम करता है। अणुव्रत समिति की अहमदाबाद इकाई के मंत्री सुरेश बागरेचा ने संचालन करने के साथ बताया कि वर्तमान में अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण अपनी अहिंसा यात्रा के त्रिआयामों सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के माध्यम से मानव कल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अहिंसा यात्रा के तीनों संकल्पों में अणुव्रत का सार समाहित है। अणुव्रत समिति की अहमदाबाद इकाई के संगठन मंत्री मनोज सिंघी, सदस्य सुरेन्द्र लुणिया, हेमलता परमार, डिम्पल श्रीमाल आदि भी मौजूद थे। कोषाध्यक्ष विमल घीया ने आभार व्यक्त किया।

Rajesh Bhatnagar
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