चाहें तो आरक्षण के बगैर भी कर सकते हैं प्रगति: सैम पित्रौदा

आरक्षण के बगैर दिल से भी बहुत कुछ किया जा सकता है। हालांकि ऐसे लोग जो जरूरतमंद हैं, वंचित हैं उनके लिए आरक्षण जरूरी है। जाने-माने टेक्नोक्रेट सैम पित्

By: मुकेश शर्मा

Published: 12 Nov 2017, 08:47 PM IST

अहमदाबाद।आरक्षण के बगैर दिल से भी बहुत कुछ किया जा सकता है। हालांकि ऐसे लोग जो जरूरतमंद हैं, वंचित हैं उनके लिए आरक्षण जरूरी है। जाने-माने टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा ने गुरुवार कांग्रेस के पीपुल्स मेनीफेस्टो (जनता का घोषणा पत्र) का प्रारंभ करने से पहले संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

उन्होंने पीपुल्स मैनिफेस्टो के बारे में बताया कि वडोदरा में गुरुवार से घोषणा पत्र को लेकर जनता की राय का प्रारंभ किया गया। बाद में अहमदाबाद, राजकोट, सूरत व जामनगर में लोगों से मिलेंगे और उनकी बात सुनेंगे। घोषणा पत्र को लेकर जनता की राय 14 नवम्बर तक ली जाएगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कहा है कि गुजरात की जनता की सुनें और उनका मैनिफेस्टो तैयार करें।

पित्रोदा ने बताया कि हम सिर्फ संगठित क्षेत्र पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन असंगठित क्षेत्र के लोगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। ऐसे लोगों के लिए कुछ विचार करना चाहिए। उनकी राय जानकार आगे बढऩा चाहिए। स्वास्थ्य, रोजगार , शिक्षा, पर्यावरण और लघु उद्योग से जुड़ी समस्याओं के मुद्दे अहम हैं। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में कई लोगों ने लोकतंत्र हाईजैक कर लिया है, लेकिन लोकतंत्र के लिए सामूहिक नेतृत्व जरूरी है। गांधीजी विकास के बारे में सब कुछ जानते थे, लेकिन ऐसे हालात होंगे यह उनको भी ख्याल तक नहीं रहा होगा।

गुजरात में महिला अत्याचार के 33 फीसदी मामले बढ़े: दोशी

गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने गुजरात में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को घेरते हुए कहा कि गुजरात में महिला अत्याचार के मामलों में 33 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है तो भाजपा शासनकाल में राज्य में 55 फीसदी महिलाएं कुपोषण का शिकार बनी हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने देश को प्रथम महिला प्रधानमंत्री दिया। लोकसभा में प्रथम महिला अध्यक्ष और प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी कांग्रेस पार्टी से हैं। वहीं भाजपा सरकार ने तो गुजरात की प्रथम महिला मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को अपमानित कर मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त किया। स्मृति ईरानी और भाजपा को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से भाजपा के महिला उत्थान के बयान का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज-निकाय संस्था में 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया था।

इसके चलते गुजरात में छह हजार ग्राम पंचायत में महिला सरपंच हैं। गुजरात में 11 जिला पंचायत, 100 से ज्यादा तहसील पंचायत, दो से ज्यादा महानगरपालिका और सत्तर से ज्यादा नगरपालिका में महिला प्रतिनिधि हैं।

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