दो वर्ष की कैद व एक लाख रुपए के दण्ड का प्रावधान

दो वर्ष की कैद व एक लाख रुपए के दण्ड का प्रावधान

Rajesh Bhatnagar | Publish: May, 17 2019 11:49:13 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

बाल विवाह विवाह प्रतिबंधक धारा के तहत

राजकोट. राज्य के सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए शुरू किए गए नवीन अभियान के तहत राजकोट में सौराष्ट्र-कच्छ के विभिन्न समाज के अग्रणियों (नेताओं) के लिए जागृति सेमिनार में सामाजिक सुरक्षा निदेशक जी.एन. नाचिया ने कहा कि बाल विवाह मात्र कानून से रोकना सम्भव नहीं है, इसके लिए समाज की जागृति भी जरूरी है, अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक आदेश में कहा है कि बाल विवाह के मामले में पोक्सो की धारा लगानी चाहिए। बाल विवाह के लिए जिम्मेदार अभिभावक, पण्डित व मण्डप सर्विस वाले सहित सभी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। बाल विवाह विवाह प्रतिबंधक धारा के तहत दो वर्ष की कैद व एक लाख रुपए के दण्ड का प्रावधान है।


कक्षा 6 में बाल विवाह के नुकसान सम्बन्धी पाठ शामिल होगा


उन्होंने कहा कि सामाजिक जागृति के लिए राज्य सरकार की ओर से अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। कक्षा 6 के पाठ्यक्रम में बाल विवाह के नुकसान सम्बन्धी एक पाठ शामिल किया जाएगा। विद्यालक्ष्मी बॉण्ड अब तक 18 वर्ष की आयु में परिपक्व होता है लेकिन अब कन्या का बाल विवाह ना होने पर ही परिपक्व होने का निर्देश सरकार ने दिया है। जिला विकास अधिकारी अनिल राणावासिया, अतिरिक्त कलक्टर परिमल पंड्या, यूनिसेफ की हिमाली लेऊवा, निनाद झाला ने भी विचार व्यक्त किए।

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