पीएसआई राठौर की आत्महत्या का मामला, आखिरकार चौथे दिन क्राइम ब्रांच ने दर्ज की प्राथमिकी

उपाधीक्षक एन.पी.पटेल पर आत्महत्या के लिए उकसाने एवं समलैंगिग संबंध की मांग का आरोप, परिजनों ने शव को स्वीकारने की जताई तैयारी, अंतिम संस्कार आज, मृतक की पत्नी के लिए मांगी नौकरी

By: nagendra singh rathore

Published: 03 Jan 2019, 10:45 PM IST

अहमदाबाद. पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) देवेन्द्र सिंह राठौर के आत्महत्या मामले में आखिरकार चौथे दिन परिजनों की मांग के आगे गुजरात पुलिस झुकी। मांग के अनुरूप अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कराई पुलिस अकादमी के पुलिस उपाधीक्षक एन.पी.पटेल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। उपाधीक्षक पर पीएसआई राठौर को आत्महत्या के लिए उकसाने (आईपीसी-३०६) और समलैंगिंग संबंध (आईपीसी-३७७) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
परिजनों ने पीएसआई राठौर की सुसाइड नोट में कराई पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक आउटडोर (उपाधीक्षक) एन.पी.पटेल पर लगाए आरोप के आधार पर उपाधीक्षक पटेल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने एवं उन्हें निलंबित करने की मांग करते हुए शव को स्वीकारने से इनकार कर दिया था। मांग को नहीं स्वीकारे जाने से शव नहीं स्वीकारा।
आखिरकार मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मामले कीगंभीरता को समझते हुए क्राइम ब्रांच को जांच सौंपने और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए। जिस पर बुधवार को जांच क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई।
जांच मिलते ही गुरुवार दोपहर को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एसीपी सी.एन.राजपूत, बी.वी.गोहिल व उनकी टीम पीएसआई राठौर के घर पहुंची। परिजनों की मांग के अनुरूप उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया।
क्राइम ब्रांच के एसीपी बी.वी.गोहिल ने संवाददाताओं को बताया कि देवेन्द्र सिंह राठौर के पिता सत्येंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक एन.पी.पटेल के विरुद्ध आईपीसी की धारा ३०६ और ३७७ के तहत मामला दर्ज किया गया है। निष्पक्ष जांच की जाएगी।
सत्येंद्र सिंह राठौर ने संवाददाताओं को बताया कि वे क्राइम ब्रांच के रवैये से संतुष्ट हैं। उनकी मांग के अनुरूप क्राइम ब्रांच ने उनके पुत्र देवेन्द्र सिंह के आत्महत्या मामले में देवेन्द्र सिंह की सुसाइड नोट को ध्यान में लेकर जांच करने, उसमें कराई पुलिस अकादमी के उपाधीक्षक एन.पी.पटेल पर लगाए आरोपों को मद्देनजर रखते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जिससे वे देवेन्द्र के शव को स्वीकार करेंगे। शुक्रवार सुबह उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों ने मांग की है कि देवेन्द्र सिंह पीएसआई भर्ती परीक्षा में पूरे गुजरात में अव्वल थे, जिससे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हो। इसके अलावा देवेन्द्र सिंह की पत्नी डिम्पल की ओर से किए गए खुलासे के तहत उपाधीक्षक पटेल पर 'देवेन्द्र को शारीरिक, मानसिक एवं सेक्युअल रूप से प्रताडि़त करनेÓ के आधार पर भी मामला दर्ज करते हुए निष्पक्ष जांच की जाए।
प्राथमिकी में सत्येंद्र सिंह ने राठौर की पत्नी डिंपल एवं उसकी पुत्री पल की आजीविका के लिए सामाजिक सुरक्षा के तहत योग्य कदम उठाते हुए पत्नी को नौकरी देने की भी मांग की है।

सबूत से छेड़छाड़ हुई हो तो पीआई, डीसीपी पर भी मामला
सत्येंद्र सिंह ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि ३१ दिसंबर २०१८ को देवेन्द्र के सुसाइड करने के बाद उसके कमरे से मिले सुसाइड नोट के आधार पर उपाधीक्षक एन.पी.पटेल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी। शुरूआती जांच सोला थाने के पीआई डी.एच.गढ़वी की ओर से जोन वन के उपायुक्त जयपाल सिंह राठौर की देखरेख में की गई। लेकिन इन दोनों ही अधिकारियों ने उनकी मांग नहीं मानी और उपाधीक्षक पटेल विरुद्ध सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज नहीं किया। इसके चलते यदि उपाधीक्षक की ओर से जुड़े अहम सबूतों से छेड़छाड़ की गई हो तो पीआई गढ़वी और डीसीपी राठौर के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।

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