रबी की बुवाई में दलहन फसलों पर जोर

संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली : खेतों की ओर लौटे किसान

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 22 Nov 2020, 07:36 PM IST

सिलवासा. दालों के भाव सातवें आसमान पर रहने से संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली के किसानों को रबी में सरसों, मैथी के साथ अरहर, चने की खेती रास आ रही है। क्षेत्र के दपाड़ा से लेकर दुधनी कौंचा के खेतों में चना, अरहर की जमकर बुवाई की गई है। रबी में किसानों ने बोरवेल और नदी-नालों के सहारे दलहन वाली फसलें उगाई हंैै।


बाजार में मूंग, अरहर के भाव 100 रुपए किलो से अधिक चल रहे हैं। दालों में अच्छी आमद की संभावना से किसान रबी की खेती की ओर आकर्षित हुए हैं। इस बार रबी में चना और अरहर की बहुतायत से बुवाई हुई हैं। सर्दी ऋतु में पर्याप्त नमी और आद्र्रता से चने की फसल तैयार होने के लिए एक-दो सिंचाई की जरूरत पड़ती है। किसानों के अनुसार यहां के खेतो की चिकनी दोमट्ट मिट्टी द्वि-बीजपत्री फसलों के लिए अति उत्तम है।

आंबोली, खेरड़ी, खानवेल, दपाड़ा, नरोली ग्राम पंचायतों के खेतों में किसानों ने खरीफ के तुरंत बाद रबी की बुवाई कर दी है। इस वर्ष मानसून के अंतिम चरण सितंबर में बरसात हुई, जिससे जमीन में पर्याप्त नमी बनी हुई है। परिस्थितियों के मुताबिक सर्दी ने भी समय पर दस्तक दी है, फलस्वरूप मौसम भी किसानों के पक्ष मेंं बना हुआ है। कृषि अधिकारियों के अनुसार रबी की फसल के लिए रासायनिक खाद एवं कीटनाशक किसानों को वितरित कर दिए हैं। इस वर्ष खरीफ की रिकॉर्ड 800 मीट्रिक टन से अधिक खाद्यान्न होने के आसार हैं एवं खेतों में रबी की बुवाई का क्षेत्र भी बढ़ रहा है। दालों के भाव बढऩे से किसान खेतों में चना और अरहर को अधिक तव्वजों दे रहे हंै।

Gyan Prakash Sharma Reporting
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