बिना टिकट सफर करने वालों पर सख्ती

अप्रेल में 2.86 लाख प्रकरणों में 14.64 लाख करोड़ वसूले

अहमदाबाद. ऐसे लोग जो बगैर टिकट, फिर निर्धारित स्थल से ज्यादा दूरी तक या फिर निम्न श्रेणी का टिकट लेकर उच्च श्रेणी वाले कोच में सफर करते हैं उनकी खैर नहीं है। रेल प्रशासन ने ऐसे लोगों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाता है।
पश्चिम रेलवे ने ऐसे ही लोगों के खिलाफ अप्रैल में बिना टिकट या अनियमित टिकट पर सफर करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया, जिसमें 2 लाख 86 हजार ऐसे ही मामले पकड़े गए। इन मामलों में 14.64 करोड़ रु. जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त 273 भिखारियों तथा 467 अनधिकृत फेरीवालों को रेल परिसर से बाहर कर जुर्माना वसूल किया गया तथा 175 व्यक्तियों को जेल भेजा गया।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी रविंद्र भाकर के अनुसार अप्रैल में दलालों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ पश्चिम रेलवे ने 210 जांच की, जिसमें 191 व्यक्तियों को पकड़ा तथा उनसे जुर्माना वसूला गया। अप्रैल के दौरान एक आरक्षित टिकट के हस्तांतरण के मामले को पकड़ा गया तथा 5,150 रु. की राशि वसूल की गई। अप्रैल के दौरान, सुरक्षिणी दस्ते द्वारा 12 वर्ष से अधिक उम्र के 29 स्कूली बच्चों को उपनगरीय ट्रेनों के महिला डिब्बों में सफऱ करते हुए पाया गया, जिन्हें वहां से हटाया गया।
पश्चिम रेलवे द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से ऐसे सघन अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती रही है। अपने अधिकृत रेल उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा बिना टिकट यात्रा में कमी लाने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे द्वारा हमेशा कारगर कदम उठाये जाते रहे हैं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बिना टिकट यात्रा के कारण होने वाली राजस्व क्षति तथा इस तरह की अन्य अनियमितताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि वे उचित टिकट खरीदकर सम्मान के साथ यात्रा करें।

Pushpendra Rajput Reporting
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