सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी नर्मदा नहरों में छोड़ा जाएगा: चुडास्मा

सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी नर्मदा नहरों में छोड़ा जाएगा: चुडास्मा

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 07 2018 05:49:21 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

-बारिश में विलम्ब होने की परिस्थिति को देखते हुए निर्णय

 

 

अहमदाबाद. राज्य के कई इलाकों में बारिश में विलम्ब होने और अपर्याप्त बारिश के कारण सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी नर्मदा नहरों में छोड़े जाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने यह अहम निर्णय लिया। बारिश में विलम्ब होने के कारण खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र चुडास्मा ने कहा कि मध्य गुजरात, उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र की नर्मदा नहरों के कमान इलाकों में आने वाले सौराष्ट्र के कई इलाकों के अलावा अहमदाबाद जिले में फतेवाडी व खारीकट कैनाल में नर्मदा का पानी छोड़ा जाएगा।
पहले से ही फिलहाल नर्मदा नहरों में करीब 7 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जरूरत के हिसाब से आगामी दिनों में भी फसलों को बचाने के लिए नर्मदा का पानी सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा। धान की फसल को बचाने के लिए तात्कालिक रूप से फतेवाडी व खारीकट कैनाल में नर्मदा का पानी छोडऩे की सूचना दी गई है।
उत्तर गुजरात के कई इलाकों में अपर्याप्त बारिश है। इन परिस्थितियों में इन इलाकों में सुजलाम-सुफलाम योजना के तहत पाइप लाइन से नर्मदा के पानी से कई तालाबों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके तहत आगामी दिनों में जरूरत पडऩे पर पाइप लाइन से नर्मदा के पानी से तालाब भर कर आसपास के इलाकों में खेती के लिए सिंचाई का पानी मुहैया कराया जाएगा।

राज्यपाल-सीएम ने किया 32 श्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित

गांधीनगर. राज्यपाल ओ. पी. कोहली और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर बुधवार को राज्य के 32 श्रेष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अक्षर ज्ञान के साथ व्यक्तित्व निर्माण की शिक्षा के लिए गुरु-शिक्षक की विशेष जिम्मेवारी है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक समुदाय का आह्वान किया कि चुनौतियों व संभावनाओं के बीच समन्वय साध कर सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्रोत्साहन देकर परिणाम प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा के लिए 27 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया है। राज्य में वर्ष 1995-96 तक सिर्फ 42 हजार प्राथमिक स्कूल थे जो आज बढक़र 60 हजार तक पहुंच गई। विद्यार्थियों की संख्या 1 करोड़ हो गई है। पिछले दस वर्ष में साक्षरता दर में 9 फीसदी की वृद्धि हुई है। राज्यपाल-सीएम ने 32 श्रेष्ठ शिक्षकों को शॉल, प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मान किया।

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