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राजकोट अग्निकांड : कांग्रेस के बंद को लोगों का समर्थन, बाजारों में सन्नाटा

एक महीने पहले 27 व्यक्तियों की हुई थी मौत, शांतिपूर्ण बंद करा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प, 20 को लिया हिरासत में राजकोट शहर में टीआरपी गेम जोन में लगी आग की घटना में 27 लोगों की मौत को एक महीना पूरा होने पर मंगलवार को कांग्रेस की ओर से बंद का ऐलान […]

अहमदाबादJun 25, 2024 / 09:58 pm

Rajesh Bhatnagar

एक महीने पहले 27 व्यक्तियों की हुई थी मौत, शांतिपूर्ण बंद करा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प, 20 को लिया हिरासत में

राजकोट शहर में टीआरपी गेम जोन में लगी आग की घटना में 27 लोगों की मौत को एक महीना पूरा होने पर मंगलवार को कांग्रेस की ओर से बंद का ऐलान किया गया। मृतकों की आत्मा की शाांति व पीडि़त परिवारोंं को न्याय दिलाने के लिए आधे दिन के राजकोट बंद को लोगों ने समर्थन दिया। इस दौरान बाजारों में सन्नाटा रहा।
राजकोट के टीआरपी गेम जोन में 25 मई को आग लगने की घटना हुई थी। अग्निकांड में निर्दोष लोगोंं की जान जाने को एक महीना पूरा होने पर मंगलवार को कांग्रेस की ओर से बंद का ऐलान किया गया। आधे दिन के बंद के ऐलान को शहर के अधिकांश व्यापारियों ने समर्थन दिया।
मृतकों की आत्मा की शाांति व पीडि़त परिवारोंं को न्याय दिलाने के लिए किए गए बंद के ऐलान को व्यापारियों के साथ ही निजी स्कूलों-कॉलेजों के संचालकों ने भी स्वीकार करते हुए समर्थन दिया। मंगलवार सुबह से बंद के ऐलान के मद्देनजर जहां दुकानें और बाजार खुले थे, वहां कांग्रेस नेता और एनएसयूआई के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से बंद कराने पहुंचे।

जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

कांग्रेस के बंद के ऐलान के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई और पूरे शहर में गश्त व सुरक्षा व्यवस्था की गई। जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ पुलिस की ओर से कार्रवाई किए जाने के बारे में पुलिस अधिकारियों ने आदेश दिया था। आदेश के चलते पुलिस ने जबरन बंद न कराने को लेकर सतर्कता बरती।

पुलिस की कार्रवाई को बताया अनुचित

इस दौरान कालावड रोड पर चाय की दुकान सहित कुछ खुली दुकानों को शांतिपूर्ण तरीके से बंद कराने पहुंचे कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प हो गई। पुलिस ने करीब 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें पुलिस ने पीसीआर वैन में बिठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उन्होंने सिर्फ राजकोटवासियों से बंद की अपील की, कोई जबरदस्ती नहीं की है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सोमवार शाम को भी प्रद्युमन नगर थाने के एक हेड कांस्टेबल ने व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष से बंद में शामिल होने वाले व्यापारियों के नंबर सहित जानकारी मांगी। इस कारण विवाद हो गया। कांग्रेस नेताओं ने इस संबंध में शहर पुलिस आयुक्त ब्रजेश कुमार झा से मुलाकात कर शिकायत की। झा ने पुलिसकर्मी से स्पष्टीकरण मांगने का आश्वासन दिया था।
मंगलवार सुबह गांधीग्राम इलाके में अक्षर मंदिर स्कूल खुला होने पर स्कूल प्रबंधकों से बंद की अपील की गई। इसके बाद स्कूल को बंद कर दिया गया। इसके अलावा, अमीन मार्ग पर मातृमंदिर स्कूल, गोंडल रोड पर पारुल होम्योपैथिक कॉलेज, कोटेचा चौक के पास सौराष्ट्र हाई स्कूल सहित शैक्षणिक संस्थान बंद कराए गए।
गौरतलब है कि एक महीने पहले राजकोट के नानामवा के पास टीआरपी गेम जोन में भीषण आग लग गई थी। इसमें झुलसने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। बिना किसी लाइसेंस या अग्नि सुरक्षा के बगैर चल रहे गेम जोन में आग लगने के मामले में मनपा और पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। अग्निकांड की जांच के लिए शहर पुलिस व राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग एसआईटी का गठन किया गया था। कांग्रेस ने एसआईटी की रिपोर्ट में बड़े लोगों को क्लीन चिट देने का आरोप लगाया।

पीडि़त परिवार के युवक को पकड़ने पर हंगामा

अग्निकांड में अपनी बहन को खोने वाला युवक भी दुकानें बंद करने की अपील कर रहा था।कालावड रोड पर स्वामीनारायण मंदिर के पास दुकानें बंद कराने पहुंचे पीड़ित परिवार के युवक को पुलिस ने आंदोलनकारी समझकर पुलिस वैन में बिठा दिया।
लोगों ने चिल्लाकर कहा कि यह पीड़ित परिवार का युवक है, रहने दो। इसके साथ ही हंगामा किया। युवक ने सड़क पर लेटकर नाराजगी जताई। इस दौरान यातायात अवरुद्ध हो गया।पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ युवक को हिरासत में लिया और पुलिस मुख्यालय ले गई। दोपहर में युवक को रिहा कर दिया गया।

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