गांधी जयंती-150 : राम कथाकार मोरारी बापू कर सकते हैं गांधीकथा

गांधी जयंती-150 : राम कथाकार  मोरारी बापू कर सकते हैं गांधीकथा

Uday Kumar Patel | Publish: Sep, 07 2018 10:23:12 PM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

-गांधीजी की 150वीं जयंती को लेकर कई कार्यक्रम

-गांधी विचारधारा आधारित कार्यक्रम होंगे

-केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री जावडेकर का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संवाद

 

अहमदाबाद. केन्द्र सरकार की ओर से पूरे देश में 2 अक्टूबर से गांधी जयंती-150 मनाई जानी है। इसके लिए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश के सभी राज्यों की ओर से की जा रही तैयारिंयों की समीक्षा बैठक आयोजित की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के मार्फत राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र चुडास्मा ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुजरात आगे रहेगा। गांधी विचारधारा से जुड़े अगले दो वर्षों तक गांधी विचारधारा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। आगामी 2 अक्टूबर से यह कार्यक्रम प्रत्येक दो महीने में होगा। इसके तहत गांधी विचार आधारित कार्यक्रम, गांधी व स्वच्छता, गांधी व समरसता, गांधी व व्यसनमुक्ति जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने यह भी जानाकरी दी कि मोरारीबापू व रमेश ओझा जैसा जाने-माने कथाकारों से गांधीकथा के आयोजन पर भी विचार चल रहा है।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अध्यक्षता में इस आयोजन की लगातार समीक्षा की जा रही है।
गांधीजी से जुड़े राज्य के छह महत्वपूर्ण स्थलों-कीर्ति मंदिर (पोरबंदर), गांधीआश्रम (अहमदाबाद), अल्फ्रेड हाईस्कूल (राजकोट), दांडी मेमोरियल (नवसारी), श्यामलदास कॉलेज-भावनगर और भुज में पूरे वर्ष के दौरान विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
इसके अलावा स्कूल-कॉलेज स्तर पर गांधी थीम पर आधारित नाट्य स्पर्धा, राज्य के विश्वविद्यालयों का अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के साथ गांधी विषय पर कॉन्फ्रेंस, गांधीजी के विचारों पर आधारित ऑनलाइन क्वीज स्पर्धा, वांचे भारत व गांधी क्वीज, गांधी महोत्सव जैसे कई कार्यक्रम होंगे।

इसके तहत गुजरात में महात्मा गांधी के जन्म से लेकर राष्ट्रपिता तक से जुड़े स्थलों का आधारभूत विकास किया जाएगा। इससे इन स्थलों पर ज्यादा से ज्यादा लोग आ सकेंगे। गुजरात में गांधीजी की जन्म स्थली होने के कारण बापू की 150वीं जयंती के राष्ट्रव्यापी आयोजन में राज्य की विशेष जिम्मेवारी बनती है।
गांधी के गुजरात में मुख्य रूप से तीन मुद्दों को लेकर आयोजन किया जाना है। वर्तमान स्थिति में गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता से जुड़े कार्यक्रम से युवा पीढ़ी को जोडऩे का प्रयास होगा। इस आयोजन में जनभागीदारी से प्रेरित होकर कार्यक्रम आवश्यक है।राज्य स्तरीय बैठक में मिलने वाले सुझावों पर विचार कर आयोजन को आखिरी रूप दिया जाएगा।

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