11 बैंकों से 2654 करोड़ की धोखाधड़ी: जांच अधिकारी से अब तक की जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

11 बैंकों से 2654 करोड़ की धोखाधड़ी: जांच अधिकारी से अब तक की जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

Uday Kumar Patel | Updated: 20 Dec 2018, 09:17:06 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

-हाईकोर्ट का सीबीआई को निर्देश

--भटनागर बंधुओं ने लगाई है जमानत की गुहार

 

अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय ने भटनागर बंधुओं-अमित व सुमीत भटनागर-से जुड़े 11 बैैंकों के साथ 2654 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में जांच अधिकारी को अब तक की जांच का विवरण मुहैया कराने को कहा है।
उच्च न्यायालय ने भटनागर बंधुओं की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई के जांच अधिकारी को यह निर्देश दिया। सीबीआई को यह जांच रिपोर्ट 8 जनवरी तक पेश करनी होगी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
वडोदरा की केबल निर्माता कंपनी-डायमंड पावर इन्फ्रास्ट्रक्टर लिमिटेड (डीपीआईएल) के प्रबंध निदेशक अमित भटनागर व उसके अन्य संयुक्त निदेशक भाई सुमित भटनागर ने उच्च न्यायालय से जमानत की गुहार लगाई है।
इससे पहले न्यायालय ने विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष लंबित मामलों की संख्या मुहैया कराने को कहा था।
सीबीआई भटनागर बंधुओं की जमानत याचिका का विरोध कर चुकी है। आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि इस मामले में आरोपपत्र पेश किया जा चुका है। इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। सीबीआई ने गलत तरीके से फंसाया है। इस मामले में कोई बैंक अधिकारी या बैंक शिकायतकर्ता नहीं बना है बल्कि सीबीआई शिकायतकर्ता है। इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
उधर सीबीआई जमानत याचिका का विरोध कर चुकी है। जांच एजेंसी की दलील है कि यह बड़ा घोटाला है और ऐसे आरोपियों को जमानत पर छोड़ा गया तो उसके विदेश भागने की आशंका है। इसलिए आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

गत मई महीने में सीबीआई की विशेष अदालत भटनागर बंधुओं की जमानत याचिका खारिज कर चुकी हैं। आरोपियों ने निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इससे पहले तीन जजों ने इन याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया था।
सीबीआई ने इस मामले में कंपनी के मालिक सुरेश भटनागर व उसके दो पुत्रों-सुमित व अमित भटनागर को इस वर्ष अप्रेल महीने में राजस्थान के उदयपुर से पकड़ा था। इन आरोपियों पर 11 बैंकों के साथ 2654 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई ने गत 5 अप्रेल को कंपनी के संस्थापक, प्रबंध निदेशक, संयुक्त निदेशक व बैंकों के कथित अअिधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध विश्वासघात व ठगी का मामला दर्ज किया था। इस मामले में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में आरोपपत्र भी पेश कर चुकी है।

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