एक ही वर्ष में सात वर्षीय बालिका ने बनाए दो रिकॉर्ड

एक ही वर्ष में दो रिकॉर्ड, रूपकुंड ट्रेक के बाद बेज कैम्प भी पार किया

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 15 Nov 2018, 05:04 PM IST

वडोदरा. वडोदरा निवासी सात वर्षीय बालिका लविष्का नागर ने एक ही वर्ष में दो रिकॉर्ड बनाए हैं। तीन महीने पहले उत्तराखंड में १६ हजार ४९९ फीट ऊंचे रूपकुंड ट्रेक को पार करके अब दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे किलीमांजारो के १५ हजार ५५० फीट ऊंचाई पर स्थित बेज कैम्प पार किया है। इस प्रकार छोटी से उम्र में दोनों रिकॉर्ड अपने नाम करने वाली लविष्का संभवत: दुनिया की प्रथम बालिका बनी है।
वडोदरा के मांजलपुर क्षेत्र निवासी एवं नवरचना स्कूल में कक्षा-२ की छात्रा लविष्का ने वर्ष २०१८ में पुणे स्थित राजमच्छी, विसापुर ट्रेक, रुपकुंड एवं अब अफ्रीका में १९ हजार ३५० फीट ऊंचाई पर स्थित किलीमांजारो का बेज कैम्प पार किया है। घर से वह किलीमांजारो पर्वत रोहण करने निकली थी, लेकिन वातावरण के प्रकोप के कारण उसकी इच्छा अधूरी रह गई।
पिता व चाचा के साथ २६ सितम्बर को किलीमांजारो पर्वर रोहण करने के लिए निकली थी। लविष्का की माता का कहना है कि तीन दिन में वह १२ हजार ७०३ फीट ऊंचाई पर पहुंच गई थी, लेकिन खराब वातावरण के कारण उसे लौटना पड़ा।


जिद के चलते पुन: चढ़ी :
बाद में लविष्का की जिद एवं हिम्मत के कारण पिता पुन: उसे लेकर किलीमांजारो पर्वत रोहण करने के लिए निकले, लेकिन माइनस २० डिग्री तापमान एवं २० किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही लहरों व बर्फ वर्षा में तीन दिन में वह किलीमांजारो के बेज कैम्प केथेड्रल प्वाइंट-शिरा पिक पहुंची, जहां से सिर्फ ३ हजार फीट दूर किलीमांजारो का मुख्य शिखर था, लेकिन खराब मौसम के कारण लौटना पड़ा।


अगले वर्ष माउंट एवरेस्ट!
लविष्का ने अगले वर्ष २०१९ में माउंट एवरेस्ट के बेज कैम्प तक पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है।


दिन में तीन बार पावागढ़ पर्वत का रोहण-अवरोहण! :
माता का कहना है कि किलीमांजारो रोहण करने के लिए लविष्का पिछले तीन महीनों से कड़ी मेहनत कर रही है। वह रोजाना ढाई घंटे खेल में व्यस्त रहती थी। इसके अलावा, एक दिन में पावागढ़ पर्वत पर तीन बार चढ़ती थी और उतरती थी।

Gyan Prakash Sharma
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