'बैंकों का विलीनीकरण रोकना जरूरीÓ

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कांफेडरेशन (एआईबीओसी)- गुजरात इकाई की बैठक

By: Pushpendra Rajput

Published: 30 Dec 2018, 10:35 PM IST

अहमदाबाद. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कांफेडरेशन (एआईबीओसी)- गुजरात इकाई की ओर से रविवार को आश्रमरोड स्थित एच.के.हॉल में बैंक अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें एआईबीओसी के राष्ट्रीय महासचिव सौम्य दत्ता ने बैंकिंग क्षेत्र को लेकर केन्द्र सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के विलीनीकरण पर विरोध जताते हुए कहा कि बैंकों का विलीनीकरण न सिर्फ बैंक कर्मियों बल्कि किसान हो या आमजन हो सभी को प्रभावित करेगा।
उन्होंने कहा कि बैंकों के विलीनीकरण को रोकने के लिए आमजन के बीच जाना होगा। आमजन को भी बैंकों के विलीनीकरण से होने वाले नुकसान को बताना होगा। उन्होंने दावा किया कि बैंकों के विलीनीकरण से पिछले कई वर्षों में एसबीआई की दो हजार से ज्यादा शाखाएं बंद हो गई हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट लोन डिफॉल्टर पर कार्रवाई करने के बजाय एनपीए में डूबे बैंकों का विलीनीकरण कर अर्थव्यवस्था को चौपट करने पर तुली है। बैंकों का एकीकरण से एनपीए हो चुके ऋणाों की वसूली में मददगार नहीं होगा। बकाया ऋण की वसूली के लिए ठोस रणनीति के तहत काम करना चाहिए। उन्होंने वेतनमान में संशोधन करने, पेंशन और फैमिली पेंशन में सुधार करने समेत कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। संयुक्त सचिव दिनेशभाई वाघेला के अनुसार आईबीए प्रथम तीन ग्रेड के अधिकारियों को वेतन रिवीजन का लाभ देना चाहता है, लेकिन सभी को एक से ७ ग्रेड के अधिकारियों को लाभ मिलना चाहिए। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फेडरेशन बैंकों के एकीकरण, बैंककर्मियों पर होने वाले हमलों का भी विरोध करता है। इस मौके पर बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय महासचिव सौम्य दत्ता का स्वागत किया। दत्ता ने कई ऑफिसरों के सवालों के जवाब भी दिए। वहीं कई ऑफिसरो ंने अपने सुझाव दिए। इस मौके पर एआईबीओसी-गुजरात इकाई के जनरल सेकेटरी रमण वाघेला, अध्यक्ष राजू भावसार, और संयुक्त सचिव दिनेशभाई वाघेला भी मौजूद थे।

 

Pushpendra Rajput Reporting
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