कोरोना से जंग जीतने पर भी बरतें सावधानियां

95 प्रतिशत युवा जल्दी अच्छे हो जाते हैं

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 03 Dec 2020, 11:13 PM IST

राजेश भटनागर
अहमदाबाद. शहर में 40 वर्ष से पुल्मोलॉजिस्ट के तौर पर कार्यरत डॉ. नरेन्द्र रावल ने कहा कि कोरोना सें संक्रमित होने के बाद इंसान भीतर से टूट जाता है, डर जाता है। ऐसा मानता है कि भगवान ने उसे बचा लिया। युवा वर्ग की बात अलग है, 95 प्रतिशत युवा जल्दी अच्छे हो जाते हैं। वरिष्ठ नागरिक कोरोना संक्रमित होने के बाद फेबिफ्लू गोलियों, रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोर्स पूरा किया है, अस्पताल में भर्ती रहे और जंग जीत चुके हैं वे लोग जानते हैं कि कोरोना कैसा है।
कोरोना संक्रमित होने के कारण अनुभव के आधार पर डॉ. रावल ने कहा कि कोरोना रोग पहली बार विश्व में आया है और करीब 6 करोड़ से अधिक लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और बहुत से लोगों की मौत हुई है। जितनी भी सावधानी रखनी चाहिए, वह सावधानी रखें लेकिन कभी-भी भूल-चूक होने पर कोरोना संक्रमित होने पर डरना नहीं चाहिए। चिकित्सकों को पूरा-पूरा अनुभव हो गया है इसलिए वे सही उपचार कर रहे हैं।

ऐसे हुए संक्रमित डॉ. रावल

उन्होंने बताया कि एक इंटरनेशनल स्वयंसेवी संस्था की जिला पदाधिकारी व समाजसेवी नंदिनी एन. रावल पिछली 25 अक्टूबर को दशहरे के दिन दोपहर में संस्था के पांच साथियों के साथ संस्था के एक प्रोजेक्ट के तहत एक अस्पताल में मास्क पहनकर बच्चों को ड्राई फ्रूट आदि वितरित करने गईं। वितरण कार्य के बाद आरती के दौरान करीब डेढ़ सौ लोग एकत्र हुए। वहां से लौटकर गाइडलाइन के अनुरूप शारीरिक स्वच्छता के नियम का पालन करने के बावजूद तीसरे दिन 28 अक्टूबर की शाम को बुखार आया, शारीरिक कमजोरी, हाथ-पांव व जोड़ों में असहनीय दर्द शुरू हुआ। असामान्य लगने पर जांच करने पर 100.5 डिग्री बुखार आया।
अगले दिन यानी 29 अक्टूबर की सवेरे इन्फलेमेटरी मार्करों की जांचों के साथ चिकनगुनिया, डेंगू की औरआरटी पीसीआर जांच करवाई। रक्त की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आई लेकिन, आरटी पीसीआर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। चिकित्सकों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी लेकिन, 65 वर्ष उम्र और कोई सदस्य मौजूद नहीं होने के कारण घर में रहकर कोरोना से जंग लडऩे का निर्णय किया। उस दौरान गाइडलाइन का पालन करने, सतर्क रहने और सावधानी बरतने के बावजूद तीन दिन बाद उन्हें बुखार आया, खांसी हुई, बदन दर्द और कमजोरी महसूस होने पर पिछली 1 नवंबर को आरटी-पीसीआर जांच करवाने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

Rajesh Bhatnagar
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