Ahmedabad News : कच्छ को कर्मभूमि बनाने जा रहे हैं मुंबई में बसे कपड़ा व्यापारी

सामखियाली-भचाऊ के बीच कच्छ गारमेन्ट जोन की योजना

60 एकड़ से अधिक भूमि पर बनेगा बिजनेस पार्क

मुंबई में बसे गारमेन्ट व्यापारियों ने किए 1500 से अधिक ऑनलाइन आवेदन, अंतिम तिथि 10 जून

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 24 May 2020, 10:44 PM IST

भुज. वैश्विक महामारी नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई रोजगार-व्यापार की स्थिति ने लोगों को वतन लौटने पर मजबूर किया है। ऐसे में मुंबई में रह कर गारमेन्ट के कारोबार से जुड़े वागड़वासी (कच्छ के मूल निवासी) भी वेबसाइट के जरिए वतन लौटना चाह रहे हैं।
मुंबई में बसे गारमेन्ट व्यापारियों ने कच्छ में बिजनेस पार्क 'कच्छ गारमेन्ट जोनÓ बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना शुरू किया है। यह आवेदन 10 जून तक किए जा सकेंगे। कच्छ बिजनेस पार्क से जुडऩे के लिए अब तक 1500 से अधिक लोगों ने वेबसाइट द्धह्लह्लश्च://222.द्घशह्म्द्वद्यद्गह्लह्य.ष्शद्व पर ऑनलाइन आवेदन किया है।
मूल कच्छ के करीब 20 हजार से अधिक व्यापारी गारमेन्ट उद्योग से जुड़े हैं। भचाऊ नगर पालिका के अध्यक्ष कुलदीपसिंह जाड़ेजा के अनुसार मांडवी के विधायक विरेन्द्रसिंह जाड़ेजा के नेतृत्व में कच्छ बिजनेस पार्क सामखियाली-भचाऊ के बीच राजमार्ग के समीप 60-70 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना आकार में है, यहां 2 हजार फीट की मैन्युफेक्चरिंग यूनिटें शुरू की जा सकेंगी।
गारमेन्ट उद्योग ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए संचालित हो रहा है, इस कारण मुंबई के मुकाबले वतन में मैन्युफेक्चरिंग काफी सस्ती होगी, इस विचार के साथ कई व्यापारी स्थायी तौर पर वागड़ में बसकर कच्छ बिजनेस पार्क को साकार करने के लिए कच्छ के निवासी उत्साहित हैं।

कच्छ को सवाया सिंगापुर बनाने को चालो वतन ने विकसाविए : आहीर

कच्छ जिले में अंजार के विधायक व प्रदेश के सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़़े वर्ग के कल्याण और पर्यटन राज्यमंत्री वासणभाई आहीर का कहना है कि वे जनता-जनार्दन के सहयोग से कच्छ को सवाया सिंगापुर बनाने का सपना साकार करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने विश्व में बसे समग्र कच्छवासियों से 'चालो वतन ने विकसाविएÓ आग्रह कर रहे हैं, सरकार सदैव उनका सहयोग करेगी।

केन्द्र व राज्य सरकार का सहयोग दिलाने को बनेंगे कड़ी : चावड़ा

कच्छ के सांसद विनोद चावड़ा ने मुंबई गए वागड़ क्षेत्र के व्यापारियों को ुवतन आवकारे छे और जन्मभूमि पर व्यापार कर स्थानीय व्यापार पैदा करने की बात का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कच्छ में विश्व की अग्रणी कंपनियां हैं। ऐसे में कच्छ के मूल निवासियों के गारमेन्ट व्यवसाय के लिए केन्द्र व राज्य सरकार का सहयोग दिलाने के लिए कड़ी बनने का विश्वास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि विकास के मामले में कच्छ मोरपंख बनकर उभरेगा।

स्थानीय रोजगार तैयार करने का सुनहरा अवसर : अनिलभाई
गारमेन्ट मैन्युफेक्चरिंग वर्कर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष व मुंबई के व्यापारी अनिलभाई गामी ने भचाऊ में कहा कि मुंबई में पिछले दो महीनों से सभी कामकाज बंद होने के कारण कारीगर नहीं हैं। आगामी महीनों में भी कामकाज नहीं और कामकाज शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही।
उनका कहना है कि पहले के समय में आर्थिक सुविधाएं और रोजगार नहीं मिलने के कारण बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब गुजरात व कच्छ की परिस्थिति बदल गई है। वर्तमान समय में कच्छ में सभी सुविधाएं सरलता से उपलब्ध हो रही हैं इसलिए वागड़ को विकसित कर स्थानीय रोजगार तैयार करने का सुनहरे अवसर का लाभ लेना चाहिए।
वे पिछले 30 वर्षों से मुंबई में लेडिज गारमेन्ट मैन्युफेक्चरिंग का काम कर रहे हैं। करीब 20 हजार से अधिक व्यापारी गारमेन्ट के व्यापार से जुड़े हैं। कच्छ में उपलब्ध ट्रेन, ट्रांसपोर्ट सुविधा, हवाई अड्डे सरीखी सभी आधुनिक सुविधाएं और अनुकूल वातावरण के अवसर को झपटने के लिए वे तैयार हैं।

Rajesh Bhatnagar
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