टमाटर रास्ते पर फेंके, पशुओं को खिलाए

भाव गिरे, किसान के हाल दयनीय

By: Gyan Prakash Sharma

Updated: 13 Mar 2018, 10:37 PM IST

आणंद. सर्दियों के मौसम में ८० रुपए किलो से ज्यादा के भाव में बिकने के बाद अब एक साथ ही टमाटर के भाव गिरने से किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अपितु टमाटर को खेत से बाजार तक पहुंचाने का खर्चा भी ज्यादा होने के कारण किसान टमाटर को बाजार पहुंचाने की बजाय या तो रास्ते पर फेंकना सही समझ रहे हैं, या फिर पशुओं को खिलाने को मजबूर बने हैं।
आणंद तहसील के सामरखा गांव में किसानों की ओर से हजारों एकड़ जमीन में टमाटर की खेती की गई है। बीज से लेकर मजदूरी तक भारी खर्चा के बाद जब आवक की बारी आई तो एक साथ ही टमाटर के भाव गिरने से किसानों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। सीजन शुरू होने के साथ ही बाजार में टमाटर का भव एक से डेढ़ रुपए किलो हो गया है, ऐसे में घर चलाना तो दूर, अपितु किसानों का खर्चा भी नहीं निकल रहा है। खेत से एक कैरेट भरकर बाजार में पहुंचाने का खर्चा करीब ६०-७० रुपए होता है, लेकिन आवक सिर्फ ४०-४५ रुपए ही होने से किसानों को प्रति कैरेट पर १५ से २५ रुपए का नुकसान हो रहा है।


किसानों का कहना
सदानापुरा गांव निवासी किसान संजयभाई पटेल के अनुसार उन्होंने १५ बीघे जमीन में टमाटर की बुवाई की थी, लेकिन भाव गिरने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि टमाटर पशुओं को खिलाए जा रहे हैं। किसान संजय पटेल के अनुसार सिर्फ सामरखा या सदानापुरा ही नहीं, अपितु वडोद, हाडगुड, अडास, पणसोरा, भालेज, राहतलाव, अजरपुरा आदि गांवों में स्थिति दयनीय बनी हुई है। टमाटर के योग्य भाव नहीं मिलने से उन्हें रास्ते पर फेंकने के हालात पैदा हुए हैं।


समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग
किसानों का कहना है कि राज्य सरकार अन्य फसलों की तरह टमाटर को समर्थन मूल्य पर खरीदे तो किसानों का कुछ अच्छा हो सकता है।


बाजार में १० से १५ रुपए किलो का भाव
व्यापारी किसानों से भले ही एक-डेढ़ रुपए किलो में टमाटर की खरीदी कर रहे हो, लेकिन बाद में ग्राहकों को १०-१५ रुपए किलो बेच रहे हैं। ऐसे में किसानों की मजदूरी भी नहीं निकल रही है।


योग्य मुआवजे की मांग
अखिल भारतीय किसान एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि पटेल ने आरोप लगाया है कि सरकार फसल की रक्षा करने में असफल रही है, जिसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। ऐसे में शीघ्र कार्रवाई कर सरकार को किसानों को योग्य मुआवजा देना चाहिए।

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