पुराने आदेशों के पालन पर मनपा दे जवाब

Mukesh Sharma

Publish: Oct, 12 2017 09:30:33 (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
पुराने आदेशों के पालन पर मनपा दे जवाब

शहर की सड़क़ों पर आवारा फिरते पशुओं के मुद्दे पर गुजरात उच्च न्यायालय ने एक बार फिर अहमदाबाद महानगरपालिका के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई है।

अहमदाबाद।शहर की सड़क़ों पर आवारा फिरते पशुओं के मुद्दे पर गुजरात उच्च न्यायालय ने एक बार फिर अहमदाबाद महानगरपालिका के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई है।


न्यायाधीश एम. आर. शाह व न्यायाधीश बी. एन. कारिया की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की कि यदि मनपा प्रशासन आवारा-फिरते पशुओं के प्रश्नों का समाधान कर सकने में सक्षम नहीं हो तो एक आयोग का गठन किया जाए।

न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि उच्च न्यायालय के आदेश के पालन करने की मनपा की कोई मंशा नहीं दिखती है। हाईकोर्ट की अवहेलना नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट का आदेश कोई मजाक नहीं है। एक दिन सब कुछ अच्छा होता है और दूसरे दिन जस की तस स्थिति दिखती है। ऐसा किस तरह चल सकता है।

खंडपीठ के अनुसार शहरी इलाके में आवारा फिरते पशुओं को बाहर भेजने या उन पर अंकुश के लिए कड़ी कार्रवाई के लिए कानून बनाना जरूरी है। यदि इस संबंध में कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई तो मनपा आयुक्त को रूबरू उपस्थित होना पड़ेगा।

उच्च न्यायालय ने पुराने आदेशों की पालना के संंबंध में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

इससे पहले भी खंडपीठ ने मनपा को इस मुद्दे पर लताड़ लगाई थी। तब मनपा को फटकार लगाते हुए यह टिप्पणी की गई थी कि सिर्फ कुछ पशुओं को पकडक़र मनपा यह मानती है उसने बहुत काम किया है। दबंगों व असामाजिक तत्वों की धमकी के खिलाफ कानून की पालना करने में मनपा ढिलाई बरतती है।

90 खराब सडक़ों में से 84 के नमूने जांच को भेजे

मनपा की कार्रवाई से हाईकोर्ट ने संतुष्टि जताई

गुजरात उच्च न्यायालय ने शहर की खस्ताहाल सडक़ों के मुद्दे पर अहमदाबाद महानगरपालिका की कार्रवाई से संतोष जताया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। न्यायाधीश एम. आर. शाह व न्यायाधीश बी. एन. कारिया की खंडपीठ के समक्ष मंगलवार को मनपा ने दलील दी कि करीब 90 खराब सडक़ों में से 84 के नमूने लिए गए और इन नमूनों को एफएसएल भेज दिया गया है। इसके अलावा शेष छह खराब सडक़ों के नमूने बुधवार को एफएसएल में भेजा जाएगा।

उधर याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि गत 27 महीनों में 1947 सडक़ें बनी हैं। इनमें से सिर्फ 231 सडक़ों की जांच के लिए चयन किया गया है। इनमें से 90 सडक़ों का नमूना लिया गया है। इसके अलावा अन्य खराब सडक़ों का क्या होगा? इसका जिम्मेदार कौन होगा। इससे पहले गत सुनवाई के दौरान मनपा ने खराब सडक़ों के नमूने को लेकर कई सवाल किए थे। भारी बारिश के कारण अहमदाबाद में क्षतिग्रस्त हो गई सडक़ों के बारे में जांच की गुहार पर मुश्ताक हुसैन मेंहदी हुसैन कादरी की ओर से दायर जनहित याचिका दायर की गई। भारी बारिश के कारण अहमदाबाद मनपा सीमा के तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई सडक़ों के बारे में जांच की गुहार लगाई गई है।

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