एनसीबी के हत्थे चढ़े अहमदाबाद के दो बड़े चरस सौदागर

Nagendra rathor

Publish: Feb, 15 2018 10:23:49 PM (IST)

Ahmedabad, Gujarat, India
एनसीबी के हत्थे चढ़े अहमदाबाद के दो बड़े चरस सौदागर

मुंबई से सात किलोग्राम चरस लेकर आई महिला को भी पकड़ा

अहमदाबाद. अहमदाबाद शहर व जिले में चरस को उपलब्ध कराने वाले दो बड़े आरोपियों को पकडऩे में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को सफलता मिली है।

इसमें से एक आरोपी तो करीब एक दशक से अहमदाबाद के छोटे-छोटे चरस विक्रेताओं को चरस बेचता था। इन दोनों को चरस देने के लिए मुंबई से आई महिला को भी एनसीबी ने धर-दबोचा। इन तीनों के पास से साढ़े नौ किलोग्राम चरस बरामद की है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपए है।

एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक हरीओम गांधी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में मुंबई के कल्याण की रहने वाली तब्बसुुम रज्जाक (३८), अहमदाबाद निवासी नसीरुद्दीन शेख उर्फ चाचा (५७) और धोलका निवासी इकबाल हुसैन मंसूरी (३८) शामिल हैं।

एनसीबी को लंबे समय से नसीरुद्दीन और इकबाल मंसूरी की तलाश थी। इन दोनों का पकड़ा जाना अहमदाबाद में चरस सप्लाई बंद करने के लिहाज से काफी अहम है।


गांधी ने बताया कि 14 फरवरी को हमें सूचना मिली कि मुंबई की रहने वाली महिला तब्बसुम बस के जरिए चरस लेकर एक बार फिर अहमदाबाद आ रही है।

सूचना के आधार पर इस महिला पर नजर रखी गई। बस के जरिए सीटीएम आने के बाद यह ऑटो रिक्शा में बैठकर रिलीफ रोड पर होटल किनारा के पास पहुंची। यहां वह किसी व्यक्ति को चरस की सप्लाई देने वाली थी। जैसे ही वह व्यक्ति उससे चरस लेने के लिए आया तो दबोच लिया गया। पूछताछ में पता चला कि वह नसीरुद्दीन शेख उर्फ चाचा है, जिसकी लंबे समय से एनसीबी को तलाश थी।


इकबाल मंसूरी अहमदाबाद जिला, शहर व सौराष्ट्र इलाके में चाचा की तरह ही थोक में चरस को उपलब्ध करवाता था। इन दोनों के पास से शहर व जिले के छोटे-छोटे चरस विक्रेता चरस लेते थे। प्रति किलोग्राम करीब ३० से ४० हजार रुपए के मुनाफे के साथ यह चरस छोटे विक्रेताओं को देते थे।

तब्बसुम की पूछताछ में सामने आया कि वह करीब तीन से चार सालों से बस के जरिए चरस की हेराफेरी करती है। कई बार वह फेरे कर चुकी है। प्रति फेरे उसे १० से १५ हजार रुपए मिलते थे। पति का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने और तीन पुत्रियां होने के चलते उसने कश्मीरी युवक के संपर्क में आने के बाद चरस की हेराफेरी शुरू की। ट्रेन में चेकिंग के चलते यह बस में ही हेराफेरी करती थी। किसी को शंका ना हो इसलिए वह अपने साथ अपनी तीन में से किसी एक पुत्री को लेकर आती थी।

seized charas

एक दशक से थोक में बेचता था चरस :
यह अहमदाबाद में चरस को थोक में उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा विक्रेता है। यह बीते करीब एक दशक से भी ज्यादा समय से अहमदाबाद में चरस की बिक्री करता है। तब्बसुम के पास से एक बैग में सात किलोग्राम चरस बरामद हुई, जिसे उसने कपड़ों के बीच छिपाकर रखा था। पूछताछ में सामने आया कि वासणा एपीएमसी मार्केट के पास एक अन्य व्यक्ति को करीब दो किलोग्राम चरस अन्य व्यक्ति के लिए थी। इसके आधार पर एनसीबी की टीम ने एपीएमसी के पास से सूचना के आधार पर इकबाल मंसूरी को पकड़ लिया। इसके पास से ढाई किलोग्राम चरस पकड़ी।

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