दाहोद. शहर व आस-पास के क्षेत्रों में तेज हवा व बारिश के कारण बिजली के 25 मीटर ऊंचे दो टावर धराशायी हो गए। विद्युतकर्मियों ने दोनों टावरों की मरम्मत कर पांच दिनों में आपूर्ति बहाल की।
सूत्रों के अनुसार दाहोद शहर के समीप तेज हवा व बारिश के कारण गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कार्पोरेशन की 66 केवी के 25 मीटर ऊंचे दो सर्किट वाले दो टावर 12 जून को धराशायी हो गए। इस कारण शहर, जिले के लीमड़ी, झालोद, फतेपुरा के उप विभागीय कार्यालयों व आस-पास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
इस कारण 66 केवी के कारठ, गुलतोरा, झालोद, लखनपुर, खरेडी, खरोड, नवागाम व कठला उप स्टेशनों के अधीन क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पूर्णतया बंद हो गई। इनके अलावा 20 फीडरों के अधीन 285 गांवों में अंधेरा हो गया। कंपनी के अलावा एमजीवीसीएल के अधिकारी व कर्मचारी निरंतर मरम्मत के कार्य में जुटे रहे।
अगले दिन दोपहर तक 8 सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। संतरामपुर से आ रही विद्युत लाइन से 11 सब स्टेशनों की वैकल्पिक आपूर्ति की व्यवस्था की गई। इनके अलावा दाहोद जिले के मुख्य कार्यालय व शहरी क्षेत्रों में भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
टावर के खंभों को पुन: खड़े करने के लिए कंपनी के 20 कर्मचारी, ठेकेदार की दो टीमों के 30 जनों ने युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया। भारी बारिश के दौरान भी मरम्मत कार्य जारी रखा। अधीक्षण अभियंता एन.जे. राठोड, कार्यपालक अभियंता एन.आर. गरासिया सहित कुल 8 अभियंता मरम्मत कार्य में जुटे और मंगलवार शाम तक सभी 66 केवी सब स्टेशनों में बिजली आपूर्ति बहाल की। एमजीवीसीएल के कार्यपालक अभियंता संजय वर्मा, उप अभियंता महेन्द्रसिंह नायक आदि भी सहयोग में जुटे।

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