scriptUnderweight child treated 62 days in Vadodara, got discharge | वडोदरा में कम वजन के बच्चे का 62 दिन तक उपचार, मिली छुट्टी | Patrika News

वडोदरा में कम वजन के बच्चे का 62 दिन तक उपचार, मिली छुट्टी

सयाजी अस्पताल में इलाज के साथ दिखी संवेदना

अहमदाबाद

Published: March 27, 2022 10:28:36 pm

वडोदरा. कहते हैं कि बीमारी या दर्द का इलाज ही काफी नहीं है, अतिरिक्त संवेदना के साथ उपचार करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। इसका दिल को छू लेने वाला उदाहरण सयाजी अस्पताल के बाल रोग वार्ड में देखने को मिला है।
शहर के समीप बाजवा गांव में श्रमिक परिवार की महिला ने प्रसव पीड़ा के बाद जन्मी 1100 ग्राम वजन की बच्ची का शहर के सयाजी अस्पताल में 62 दिन में सफल उपचार से वजन बढक़र 1760 ग्राम हुआ। परिवार में तीसरी बेटी का जन्म होने पर प्रसूता को नाराज पति अस्पताल में नवजात बेटी समेत छोड़ गया।
अस्पताल के बाल रोग विभाग की नर्स भानुबेन के अनुसार ससुराल के गांव का नाम और पीहर का उचित पता नहीं जानने वाली श्रमिक परिवार की महिला ने प्रसव पीड़ा के बाद प्रसूति के दौरान 1100 ग्राम वजन की बच्ची को जन्म दिया। काफी कम वजन होने के कारण बच्ची को सयाजी अस्पताल केे बाल रोग विभाग में भेजा गया।
तीसरी बेटी के जन्म से नाराज होकर महिला को पति अस्पताल में बेटी समेत छोडक़र चला गया। ऐसे में प्रसूता अकेली हो गई। इस कारण अस्पताल में बच्ची के उपचार के साथ-साथ प्रसूता को परिवार का अहसास करवाया गया। अस्पताल के कंगारू मदर केयर (केएमसी) वार्ड मेें बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शीला अय्यर के निर्देशन में बच्ची का 62 दिन में सफल उपचार करने पर वजन बढक़र 1760 ग्राम के संतोषजनक स्तर पर पहुंचा।
अस्पताल से छुट्टी देने के समय वास्तवति समस्या आई। बाल रोग चिकित्सक डॉ. मोनिका व डॉ. वैशाली को पूछताछ में प्रसूता महिला ने अपना पीहर माथासर गांव में बताया। ढूंढने पर वह गांव नर्मदा जिले में होने की जानकारी मिलने पर खिलखिलाहट वाहन के स्टाफ ने मां-बेटी को गांव पहुंचाने की व्यवस्था की। रास्ते में देखभाल के लिए साथ जाने को स्वयं भानुबेन तैयार हुई। खिलखिलाहट वाहन के अजय व विष्णु के साथ मां-बेटी को लेकर भानुबेन रवाना हुई।
वडोदरा में कम वजन के बच्चे का 62 दिन तक उपचार, मिली छुट्टी
वडोदरा में कम वजन के बच्चे का 62 दिन तक उपचार, मिली छुट्टी
जंगल क्षेत्र में गांव में घनघोर अंधेेरे में पहुंचकर सौंपा परिजनों को

नर्मदा जिले की देदियापाड़ा तहसील के घनघोर जंगल क्षेत्र में झरवाणी से आगे स्थित माथासर गांव में मध्यरात्रि में घनघोर अंधेेरे में पहुंचे। गांव के लोगों से मध्यरात्रि के बावजूद पूछताछ करने पर प्रसूता उसी गांव की होने का पता लगा। प्रसूता के पिता व परिजनों से मिलने पर संतोषजनक जवाब मिला। तब प्रसूता व नवजात बच्ची को सौंपकर आत्मसंतोष के साथ स्टाफ वडोदरा लौटा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजनकृष्ण अय्यर ने संवेदनाभरा उपचार और देखरेख करने वाले विभाग के चिकित्सकों, भानुबेन, नर्सिंग व खिलखिलाहट के स्टाफ व की सेवा की सराहना की।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

राजस्थान में इंटरनेट कर्फ्यू खत्म, 12 जिलों में नेट चालू, पांच जिलों में सुबह खत्म होगी नेटबंदीनूपुर शर्मा पर डबल बेंच की टिप्पणियों को वापस लिया जाए, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष दाखिल की गई Letter PettitionENG vs IND Edgbaston Test Day 1 Live: ऋषभ पंत के शतक की बदौलत भारतीय टीम मजबूत स्थिति मेंMaharashtra Politics: महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस के डिप्टी सीएम बनने की बताई असली वजह, कही यह बातजंगल में सर्चिंग कर रहे जवानों पर नक्सलियों ने की फायरिंगपंचायत चुनाव: दो पुलिस थानों ने की कार्रवाई, प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह छाता तो उसने ट्राली भर छाता बंटवाने भेजे, पुलिस ने किए जब्तMonsoon/ शहर में साढ़े आठ इंच बारिश से सडक़ों पर सैलाब जैसा नजारा, जन जीवन प्रभावित2 जुलाई को छ.ग. बंद: उदयपुर की घटना का असर छत्तीसगढ़ में, कई दलों ने खोला मोर्चा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.