कोरोना काल मे पर्यटन को तरसते सैलानी

अनलॉक-4 में कल-कारखाने खुल, लेकिन पर्यटन स्थल नहीं

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 30 Sep 2020, 12:35 AM IST

सिलवासा. कोरोना संक्रमण के कारण जिले के पर्यटन स्थल 22 मार्च से बंद हैं। इससे इस धंधे से जुडे लोगों की हालत पतली हो गई है। अनलॉक-4 में कल-कारखानों के अलावा, वाइनशॉप, जिम, रेस्टॉरेंट, होटल आदि खुल गए हैं, लेकिन पर्यटन स्थल आरम्भ नहीं हो सके हैं। वैश्विक कोरोना महामारी की मार सभी क्षेत्रों में पड़ी है। पर्यटन क्षेत्र को इसमें सबसे अधिक मारक चोट पहुंची हैं। 40 फीसदी जंगलों के कारण मानसून में दादरा नगर हवेली का सौंदर्य देखने लायक रहता हैं। इस मौसम में देश-विदेश से लाखो सैलानी आते हैं।

25 मार्च से पर्यटन स्थलों पर लटके ताले

25 मार्च से लॉकडाउन के बाद जिले के पर्यटन स्थलों के ताला लटका हुआ हैं। इस धंधे में जुड़े कारोबारियों की आवक पर ग्रहण लग गया है। लॉयन सफारी, सतमालिया अभयारण्य, दुधनी जेटी, दादरा उद्यान, खानवेल बट्टरफ्लाई, नक्षत्र वन, दादरा उद्यान, अथाल स्वामीनारायण आदि सभी जगह सन्नाटा पसरा है। मानसून में खानवेल से सिंदोनी और मांदोनी के ऊँचे-नीचे घाट, झरने, पहाड़, देवी-देवताओं के मंदिरों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ जाती है। दूधनी जेटी पर मुंबई व महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग पधारते हैं। पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि वर्षभर में 8 लाख से अधिक पर्यटक दानह की धरती पर आते हैं। हरे भरे जंगल और पहाडिय़ों के बीच बनाये गये कौंचा हेल्थ गार्डन की प्रशंसा दक्षिणी गुजरात में खासतौर पर होती हैं। यहां भ्रमण के लिए देश की नामी-गिरामी हस्तियां आती रहती हैं। विख्यात चित्रकारों ने इस गार्डन की सौम्यता को अपने कैनवास में सजाया हैं। पर्यटकों के अभाव से दमण गंगा जलाशय के पार कौंचा गंाव में बने स्थापित गार्डन में आवासीय कॉम्प्लेक्स भी सुने पड़ें हैं। कौंचा गार्डन में सुदूर पर्वतीय रमणीक आनंद के लिए मशहूर हैं। इसमें आधुनिक दर्जे के संकुल बने हैं, जो अब सुने पड़े हैं। दुधनी में बोटिंग का कारोबार पिछले 6 माह से पूरी तरह ठप्प पड़ा है।
जिले के खानवेल का बट्टरफ्लाई उद्यान पर्यटकों का खास पसंदीदा स्थल रहा है। तितलियों की प्रकृति के साथ घनिष्ठता, नई प्रजातियां,आकर्षित करने वाली फूलवारी, लम्बी लम्बी क्यारियांं, रात्रिचर गृह, सुन्दर उद्यान, ग्रीन हाऊस, फूलों की सैकड़ो प्रजातियों वाला अनोखा पर्यटन स्थल है। साकरतोड़ नदी के किनारे बने इस उद्यान में देशभर में पाई जाने वाली 70 से अधिक तितलियों की प्रजातियां हर समय देखी जा सकती हैं। अब यह यह स्थल पर्यटकों की बाट जो रहे हैं। कोरोना के बीच बाहर से आने वाले सैलानी जिले में आने शुरू हो गए हैं, परन्तु पर्यटन स्थल बंद होने से उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि शर्तो के साथ पर्यटन स्थल खोले जा सकते हैं।

Gyan Prakash Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned