Ahmedabad News गुजरात में खाद की कमी नहीं, जरूरत पडऩे पर और मंगाएंगे: परमार

Urea, DAP, Khad, Farmer, Gujarat, Ravi season, cultivation, ACS agriculture कुछ जिलों से मांग आई है वहां खाद पहुंचाई

 

By: nagendra singh rathore

Published: 05 Jan 2020, 07:43 PM IST

गांधीनगर. गुजरात के किसानों को यूरिया या डीएपी खाद के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। गुजरात में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में दोनों ही खाद उपलब्ध है। जरूरत पडऩे पर केन्द्र सरकार से और भी खाद मंगाई जाएगी।
यह बात गुजरात के कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पूनमचंद परमार ने रविवार को गांधीनगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही।
उन्होने कहा कि अहमदाबाद, महेसाणा, पाटण, साबरकांठा, आणंद सरीखे जिलों में यूरिया खाद की कमी की खबरें सामने आई हैं। उसे देखते हुए आगामी पांच दिनों में रेल और रोड के माध्यम से १० हजार मैट्रिक टन यूरिया खाद को पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
गुजरात सरकार ने अगस्त २०१९ महीने में भारत सरकार के पास से 11 लाख मैट्रिक टन यूरिया खाद ,२.५० लाख मैट्रिक टन डीएपी, २.३६ मैट्रिक टन एनपीके और ६० हजार मैट्रिक एमओपी खाद की मांग रखी थी, जिसे मंजूर किया गया है। इसके अलावा ५० हजार मैट्रिक टन यूरिया खाद को बफर स्टॉक के लिए उपलब्ध कराया गया है।
रवि फसलों के लिए पहले तीन महीनों में अक्टूबर २०१९ से दिसंबर २०१९ के दौरान राज्य को ६.०२ लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हुई है। जनवरी २०२० में राज्य में २.१० लाख मैट्रिक टन यूरिया की जरूरत के सामने भारत सरकार ने २.२० लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराई है। जिसमें से शुरूआती चार दिनों में ३२ हजार मैट्रिक टन यूरिया को अलग अलग जिलों में भेजा जा चुका है।

बीते साल से 1३ फीसदी ज्यादा हुई रवि फसलों की बुवाई
पूनमचंद परमार ने कहा कि इस साल रवि सीजन के तहत फसलों की बुवाई बीते साल की तुलना में 1३ फीसदी अधिक हुई है। इस साल ३५.४६ लाख हैक्टेयर जमीन में रवि फसलों कीबुवाई हुई है, जो बीते वर्ष से १३ फीसदी अधिक है। जिसमें गेंहू की बुवाई औसत से २९ फीसदी ज्यादा हुई है।

nagendra singh rathore
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned