Crocodile in Vadodara city विश्वामित्री के मगरमच्छ बन सकते हैं बड़ा खतरा

बाढ़ के चलते पानी के साथ वडोदरा शहर की बस्तियों में घुसे 22 मगर अब तक निकाले, वन विभाग की टीमें हैं कार्यरत, वीएमसी, जिला प्रशासन बनाएगा एक्शन प्लान

अहमदाबाद. विश्वामित्री नदी में रहने वाले मगरमच्छर वडोदरावासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। जब कभी भी भारी बारिश होती है या विश्वामित्री नदी में बाढ़ आती है तो बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ भी नदी को छोड़ शहरी बस्तियों में आ घुसते हैं। इसके चलते लोगों की जान को दोहरा खतरा पैदा हो जाता है। अभी तक कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता।
इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बुधवार को वडोदरा में हुई भारी बारिश के चलते विश्वामित्री नदी में आई बाढ़ के चलते शहर की बस्तियों में घुसे 22 मगरमच्छों को अब तक सुरक्षित पकड़ा जा चुका है।
एक ओर शहरवासी जहां बाढ़ के पानी के चलते खाने और पीने के पानी के लिए भी समस्या का सामना कर रहे थे वहीं दूसरी ओर मगरमच्छों के पानी में तैर कर आने से उनकी जान को बड़ी समस्या पैदा हो गई थी। स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि न सिर्फ वडोदरा महानगर पालिका प्रशासन, जिला कलक्टर प्रशासन बल्कि खुद मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी मगरमच्छों को जल्द पकडऩे के लिए वन विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की टीम को वडोदरा में कार्यरत किया। जिसके चलते अब तक 22 मगरमच्छों को पकड़ा जा चुका है। वडोदरावासी इस स्थिति के चलते भयभीत हैं। वे अपने ही सोसायटी और मोहल्ले में निकले से भी डर रहे हैं।

मगरमच्छ पार्क की थी योजना, पर अब ठंडे बस्ते में!
वडोदरा महानगर पालिका (वीएमसी) ने राज्य के वन विभाग की मदद से वडोदरा में विश्वमामित्री नदी के किनारे नवलखी मैदान के समीप मगरमच्छ पार्क बनाने की योजना थी।
इसके लिए राज्य सरकार ने वन विभाग के जरिए करीब 10 करोड़ रुपए भी मंजूर किए थे और वडोदरा महानगर पालिका ने नवलखी मैदान के समीप 6 6 एकड़ भूमि भी आवंटित कर दी थी, जिसके बाद इस इलाके में फेंसिंग पर करीब दो करोड़ रुपए भी खर्च कर दिया गया। लेकिन फिलहाल इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि जिला कलक्टर कार्यालय की ओर से इस प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगाई गई है। जिसे देखते हुए वीएमसी ने भी इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

बनाएंगे एक्शन प्लान
वडोदरा के पास विश्वामित्री नदी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ रहते हैं। ये इनका क्षेत्र है। बाढ़ के पानी के साथ उनके शहरी क्षेत्र में आने की समस्या सामने आई है। 22 मगरमच्छों को अब तक बस्तियों से पकड़ा गया है। बाढ़ का पानी उतरा है। इस स्थिति से उबरने के बाद बाढ़ के चलते जो जो समस्याओं सामने आई हैं उन सभी को समाविष्ट करते हुए एक्शन प्लान बनाया जाएगा, ताकि आगामी समय में ये समस्याएं सामने नहीं आएं।
-शालिनी अग्रवाल, कलक्टर, वडोदरा

Shalini Agrawal
nagendra singh rathore
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