Dr. Vikram Sarabhai Centenary Celebration विक्रम साराभाई की विचारधारा से विज्ञान क्षेत्र में शक्तिशाली बन रहा भारत: पीएम मोदी

Dr. Vikram Sarabhai Centenary Celebration विक्रम साराभाई की विचारधारा से विज्ञान क्षेत्र में शक्तिशाली बन रहा भारत: पीएम मोदी

nagendra singh rathore | Updated: 12 Aug 2019, 08:31:52 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

इसरो अध्यक्ष बोले साराभाई द्वारा स्थापित संस्थान बने उत्कृष्टता के केंद्र, अहमदाबाद में मनाया गया विक्रम साराभाई जन्म शताब्दी समारोह

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि डॉ. विक्रम साराभाई की विचारधारा के चलते भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शक्तिशाली बन रहा है। जब हम चन्द्रमा पर 'विक्रम लैंडर ' को उतारेंगे तो वह डॉ.विक्रम साराभाई को करोड़ों भारतीय लोगों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने यह बात डॉ. विक्रम साराभाई के जन्म शताब्दी समारोह में दिए वीडियो संदेश में कही। चंद्रयान-२ के तहत भेजे लैंडर का नाम विक्रम रखते हुए डॉ.विक्रम साराभाई को श्रद्धांजलि दी गई है।
उन्होंने कहा कि डॉ.होमी भाभा के निधन ने भारतीय विज्ञान की दुनिया में एक शून्य पैदा कर दिया था। उस समय डॉ.विक्रम साराभाई ने अपने कौशल और नेतृत्व क्षमता के साथ विज्ञान को एक नया आयाम दिया।
विक्रम साराभाई को उन्होंने विज्ञान के लिए समर्पित सैनिक बताते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने हमेशा छात्रों के लिए समय दिया।
इसरो के अध्यक्ष डॉ. के सिवन ने डॉ.विक्रम साराभाई को एक महान संस्था निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि विक्रम साराभाई ने आधुनिक विज्ञान, भौतिक अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा आदि क्षेत्रों में जिन संस्थानों की स्थापना की वे आज उत्कृष्टता का केन्द्र बन गए हैं। उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं का आधुनिक भारत के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान है।
उद्घाटन के दौरान डॉ विक्रम साराभाई के जीवन की कहानी पर एक एल्बम, इसरो पर एक कॉफी टेबल बुक और परमाणु ऊर्जा विभाग से १०० रुपए का सिक्का विक्रम साराभाई पर जारी किया गया। 'स्पेस ऑन व्हील्स ' प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।
सोमवार से ही डॉ.विक्रम साराभाई शताब्दी के तहत सालभर चलने वाले कार्यक्रमों की शुरूआत की गई, जिनमें स्कूली बच्चों के लिए प्रदर्शनियां, प्रतियोगिताओं, पत्रकारिता पुरस्कार और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों द्वारा वक्तव्य शामिल हैं। देश के 100 चयनित शहरों में इन्हें आयोजित किया जाएगा और 12 अगस्त, 2020 को तिरुवनंतपुरम में कार्यक्रमों का समापन होगा।
इस मौके पर डॉ. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ. बीएन सुरेश, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के पूर्व निदेशक और डॉ. साराभाई प्रमोद काले के करीबी सहयोगी, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कस्तूरीरंगन, परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष केएन व्यास, पूर्व अध्यक्ष परमाणु ऊर्जा विभाग के एम.आर. श्रीनिवासन और डॉ. विक्रम साराभाई के बेटे डॉ.कार्तिकेय साराभाई भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

Dr. Vikram Sarabhai Centenary Celebration
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