विरमगांव-राजकोट खंड पर हो रहा पटरियों का रखरखाव

Viramgam-rajkot section, railway tracks, maintains,

राजकोट. राजकोट मंडल (Rajkot division) में बड़े पैमाने पर पटरियों (Tracks) का रखरखाव (tracks maintain ) कार्य किया जा रहा है। यह रेल यात्रियों (Railway passengers) के लिए बेहतर एवं सुरक्षित यात्रा की ओर बढ़ता कदम है। मौजूदा समय में विरमगांव से राजकोट तक पटरियों का रखरखाव कार्य हो रहा है।
राजकोट के मंडल रेल प्रबंधक परमेश्वर फुंकवाल के अनुसार रेल संरक्षा के लिए पटरियों के रखरखाव के कई कार्य बड़े पैमाने पर दिन-रात तेज़ गति से किए जा रहे है। इन कार्यों को अत्याधुनिक ट्रैक मशीनों से किया जा रहा है। इसके चलते कई बार ब्लॉक भी लिए जाते हैं। सर्दियों के दौरान रेलवे में सिकुडऩ के कारण रेल वेल्ड की विफलता का खतरा बना रहता है, जो कि संरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए राजकोट मंडल फ्लैश बट्ट वेल्डिंग तकनीक से पुराने हो चुके रेल ज्वाइन्ट्स को नई तकनीक से अत्याधुनिक मशीन से जोड़ा जा रहा है। यह मशीन रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैण्डर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) -लखनऊ से स्वीकृत गुणवत्ता मापदंडों के अनुसार कार्य करती है।
अब तक ७ हजार रेल वेल्ड
पिछले ६ माह में राजकोट और हापा के बीच करीब ७००० रेल वेल्ड को नवीनीकृत किया गया है। फिलहाल करीब ३००० रेल वेल्ड को नवीनीकृत करने का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में यह मशीन पडधरी-चणोल के बीच चलर रहा है। वहीं राजकोट मंडल में करीब ३६ किलोमीटर रेल पथ का पूर्ण रूप से नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर है। पुराने एवं अवधि पार कर चुके रेलों, स्लीपरों को बदलकर नयी रेल एवं स्लीपर ट्रेक में लगाने की प्रक्रिया रेल नवीनीकरण कहलाती है। यह कार्य वर्तमान में विरमगाम-राजकोट खंड में क्विक रिलेयिंग सिस्टम से किया जा रहा है। साथ ही राजकोट मंडल में आवश्यकता अनुसार विभिन्न जगहों पर गिट्टी की छनाई को मशीनों की सहायता से ट्रैक के नीचे जो गिट्टी होती है उसे साफ किया जा रहा है तथा उसकी उचित ढंग से पेकिंग भी की जा रही है। अत्याधुनिक तकनीक से सज्जित ट्रैक टेंपिंग मशीन, बैलास्ट क्लीनिंग मशीन, ट्रैक लेईंग मशीन के उपयोग से मैंटेनेंस और नवीनीकरण का कार्य तेज़ गति से करना संभव हो पाया है।
ये कार्य पूर्ण होने पर रेलवे ट्रैक की सेफ़्टी बढ़ाने में तथा दुर्घटनाएँ रोकने में योगदान मिलेगा। नई रेलों के कारण रेल यात्रा ज्यादा सुरक्षित एवं आरामदायक होगी । साथ ही साथ रेलें अपनी अधिकतम गति से चल पायेंगी जिससे रेल यात्रा में समय की भी बचत होगी ।

Pushpendra Rajput
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned