दस वर्ष पूर्व गुम हुआ युवक आखिर मिल गया

परिजनों ने समझ लिया था कि अब दुनिया में नहीं है हरिदास
पश्चिम बंगाल का युवक मिला मेंटल अस्पताल से

By: Omprakash Sharma

Published: 18 Dec 2018, 10:07 PM IST

अहमदाबाद. दस वर्ष पूर्व गुम हुआ तीन बहनों का इकलौता भाई आखिर मिल गया। पश्चिम बंगाल का रहने वाला युवक नौ वर्ष तक कहां भटकता रहा यह तो वह खुद भी नहीं जानता, लेकिन पिछले एक वर्ष से वह शहर के मेंटल अस्पताल में बेनाम मरीज के तौर पर उपचाराधीन है। गत दिनों होश संभालने पर उसने अपने जिले का नाम बताया था, जिसके आधार पर अस्पताल प्रशासन उसके परिजनों तक पहुंच सका था।
अहमदाबाद शहर की माधवपुरा पुलिस को गत २९ जून २०१७ को मैले कुचेले कपड़ों में यह युवक भटकता हुआ मिला था। जिसे अदालती आदेश पर उसी दिन शाहीबाग क्षेत्र स्थित मेंटल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वह साइकोसिस नामक मनोरोग की बीमारी से पीडि़त था। नाम पता बताने में असमर्थ युवक का उपचार अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. विशाल दामानी करने लगे? धीरे-धीरे युवक की हालत सुधरने लगी थी। जिससे अस्पताल के मनोचिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकताओं की टीम उसे नाम पता पूछने का प्रयास करती थी। गत ११ दिसम्बर को अस्पताल के मनोचिकित्सक सामाजिक कार्यकर्ता अर्पण नायक हर दिन की तरह उससे पूछताछ कर रहे थे। उस दौरान युवक ने खुद को पश्चिम बंगाल के कालीगंज थाना क्षेत्र का बताया। इसके अधार पर अस्पताल प्रशासन ने कालीगंज पुलिस का संपर्क किया और कुछ ही दिनों में उसके परिवार का पता लगा लिया।
परिवार को इस बारे में पता चला तो घर ही नहीं गांव भर में खुशी फैल गई। परिजनों से बात चीत हुई तो पता चला कि युवक का नाम हरिदास है जो दस वर्ष पूर्व गुम हो गया था उस दौरान उसकी आयु बीस वर्ष थी। तीन बहनों का इकलौता भाई हरिदास की संभावित जगहों पर खोजबीन की गई लेकिन वर्षों बाद भी उसका कोई ठिकाना नहीं मिला। इसके बाद यह सोचकर तलाश बंद कर दी कि शायद हरिदास अब दुनिया में नहीं रहा है।
पिता की मौत हो गई पत्नी भी चली गई
भाई को लेने के लिए अहमदाबाद आए बहन तमोली व अन्य परिजनों ने बताया कि हरिदास की तलाश में पिता काफी चिन्ता में रहते थे और कुछ दिनों पहले उनकी मौत हो गई। हरिदास की भी शादी हो गई थी लेकिन लंबे इन्तजार के बाद पत्नी की दूसरी जगह शादी कर दी गई।
जीवन में सबसे बड़ी खुशी
बहन तमोली ने बताया कि इकलौता भाई मिलने से की यह सबसे बड़ी खुशी है। बहन के साथ उनका बहनोई और बड़ी बहन का पुत्र भी साथ में आया था। उनके अनुसार दस वर्ष पूर्व दिल्ली से अचानक गुम हुए हरिदास एक वर्ष से अहमदाबाद में है लेकिन इससे पहले वह कहां-कहां भटका होगा इसके बारे में कोई पता नहीं है।

Omprakash Sharma Reporting
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