देहव्यापार के धंधे की तह तक पहुंचने के प्रयास शुरू

अनैतिक कार्य फंसे होने की संभावना के चलते गांव धीमरी का पुरा में 21 नाबालिग बालिकाओं को मुक्त करा लिया गया है।

By: Dilip

Updated: 26 Oct 2020, 08:24 AM IST

धौलपुर. अनैतिक कार्य फंसे होने की संभावना के चलते गांव धीमरी का पुरा में 21 नाबालिग बालिकाओं को मुक्त करा लिया गया है। प्रशासन व पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है। बालिकाओं के अपने ही परिजन ने देह व्यापार में धकेले जाने की आशंका पर गांव से इन बालिकाओं को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी)के सामने पेश किया गया। समिति की ओर से इन बालिकाओं के सर्वांगीण विकास व पुनर्वास की कार्रवाई की जाएगी।

जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने बताया कि आवाज अभियान के माध्यम से ग्रामवासियों को महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों, उत्पीडऩ, देह व्यापार तथा अन्य अनैतिक कृत्यों के बारे में जानकारी दी गई और जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि धौलपुर पुलिस ने धीमरी का पुरा गांव में पनप रहे देह व्यापार पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्यवाही को अंजाम देकर 21 बालिकाओं का बचपन बचाया ।

पूछताछ में खुली पोल
उन्होंने बताया कि आवाज अभियान कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं से संवाद में प्रथम दृष्टया यह संज्ञान में आया कि गांव की बड़ी संख्या में बालिकाओं को देह व्यापार में मुम्बई, दिल्ली,नागपुर व अन्य जगहों पर देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया जाता है। बालिकाओं को पढ़ाई से वंचित करने के साथ उनका शारीरिक शोषण किया जाता है।

इस पर संज्ञान लिया जाकर स्थानीय विद्यालय में प्रथक रूप से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन ने संयुक्त कार्यवाही कर महिला पुलिस ,समाज कल्याण एवं महिला आधिकारिता विभाग की महिला कार्मिकों ,आशा सहयोगिनी,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,एएनएम, शिक्षिकाओं आदि की मदद से सहजता से गहन पूछताछ कर आवाज प्रपत्र भरवाकर संपूर्ण परिवार की जानकारी एकत्रित की गई ताकि जिन बालिकाओं के माता या पिता या दोनों नहीं है। ऐसी अनाथ बालिकाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के साथ-साथ पालनहार योजना का लाभ दिलाया जा सके तथा सरकार की अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

रेस्क्यू की गई 21 बालिकाओं को बालगृह भेजा

रेस्क्यू की गई 21 बालिकाओं के बचपन बचाने तथा अनैतिक कार्य की संभावनाओं के चलते पुराने गोरखधंधे से निजात दिलाने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किए जाने के बाद इन्हें बाल गृह भेजा गया। लैंगिक रूप से दुव्र्यव्हार से ग्रस्त ऐसे बालक बालिकाओं के पुनर्वास के लिए स्थानीय पुलिस ने समिति की देखरेख और संरक्षण के लिए जरूरतमंद बालक बालिकाओं को सहयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक बचन सिंह मीणा, सहायक निदेशक समाज कल्याण एवं महिला आधिकारिता विभाग रामरज मीना, सीडीईओ सियाराम मीना, सीबीईओ दामोदर लाल मीणा, उड़ान से नीलम दुबे, कनुप्रिया, नरगिस, रेखा शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, ग्राम सरपंच सहित विभाग के आलाधिकारी उपस्थित रहे

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