ब्यावर में एसीबी ने घूसखोर दो दलाल दबोचे,अवैध निर्माण की बाधा दूर कराने की एवज में मांगी थी रिश्वत

एसीबी शिकायत मिलने के बाद से जुटा रही थी जानकारी, चार बार जाल बिछाया, लेकिन शातिराना अंदाज में रिश्वत की राशि नहीं ली, गुरुवार को भी दलाल को भेजकर राशि ली और मामला पकड़ा गया

By: suresh bharti

Published: 11 Jun 2021, 12:03 AM IST

अजमेर/ब्यावर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अवैध निर्माण को लेकर रिश्वत लेने के मामले में चार बार पहले भी जाल बिछाया गया था। पांचवीं बार में एसीबी की टीम ने रिश्वत लेने के मामले में दो दलालों को रंग हाथों धर-दबोचा। इससे पहले एसीबी की टीम करीब चार बार ब्यावर आई। इस दौरान इन्हें रिश्वत की राशि देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन इन्होंने रिश्वत की राशि के हाथ नहीं लगाया। एसीबी की ओर से इस मामले में लगातार नजर रखी जा रही थी।

रिश्वत की मांग करने वाले खासे शातिर रहे। उन्होंने स्वयं ने रुपए नहीं लेकर राशि लेने के लिए बिचौलिए को भिजवाया। एसीबी की टीम ने कार्रवाई कर तत्काल ही दलाल भरत मंगल व पार्षद कुलदीप बोहरा को पकडऩे के लिए भी तय स्थान पर पहुंचे। इस दौरान टीम के दलाल भरत मंगल तो हाथ लग गया, लेकिन पार्षद कुलदीप बोहरा फरार हो गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि करीब एक माह से रिश्वत में दी जाने वाली राशि रखी हुई थी।

मिठाई की दुकान पर पहुंचे, लेकिन नहीं ली राशि

रिश्वत की राशि मांगने के आरोपित पार्षद बोहरा व भरत मंगल गिरिराज मिष्ठान भंडार पहुंचे। वहां पर परिवादी ने इन्हें तय राशि देना चाहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनकी ओर से भेजे गए व्यक्ति को राशि दिए जाने के बात कही। यह वहां से निकल गए। कुछ देर बाद सुनील को रिश्वत की राशि लेने भेजा। इसके बाद एक स्थान बताया जहां पर राशि लेकर युवक को जाना था। इन्होंने शातिराना अंदाज में वो स्थान भी छोड़ दिया एवं कॉलेज रोड स्थित श्रम विभाग कार्यालय के पास पहुंच गए। वहीं पर दलाल सुनील से राशि लेकर आने के लिए कहा। जहां पर एसीबी ने भरत मंगल को पकड़ा, जबकि कुलदीप बोहरा वहां से फरार हो गए।

तलाश में पहुंची टीमें

अवैध निर्माण के मामले में राशि लेते दो दलालों के पकड़े जाने के बाद इस मामले में आरोपित पार्षद बोहरा की तलाश में टीमें पहुंची। टीमों ने उसकी अलग-अलग स्थानों पर तलाश की। पार्षद बोहरा की पकड़ा नहीं किया जा सका। एसीबी की टीम पार्षद सुरेन्द्र सोनी व बोहरा के घर भी पहुंची। इसके अलावा टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर इस मामले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई।

नगर परिषद में पसरा सन्नाटा

एसीबी की टीम रिश्वत लेने के मामले में दो जनों को पकडऩे के बाद नगर परिषद भी पहुंची। नगर परिषद में भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई। एसीबी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही नगर परिषद में सन्नाटा पसर गया। नगर परिषद में लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन एसीबी की कार्रवाई के बाद लोगों की संख्या कम ही रही। भरत

मंगल के घर पहुंची एसीबी की टीम

दलाल भरत मंगल को रिश्वत लेने के मामले में पकडऩे के बाद शाम को एसीबी की टीम भरत मंगल के घर पहुंची। उनके घर पर जांच की। इस दौरान भरत मंगल के घर पर रखे दस्तावेजों के बारे में जांच की गई। भरत मंगल का हर दिन नगर परिषद में आवाजाही थी। ऐसे में उसका किससे जुड़ाव था एवं इस मामले से और कौन जुड़े हुए हैं। इसको लेकर भी एसीबी जांच करने में जुटी है।

चार लाख की मांग थी

परिवादी सीताराम साहू ने बताया कि अवैध निर्माण के मामले के निस्तारण को लेकर चार लाख रुपए की मांग की गई थी। यह मामला ढाई लाख रुपए दिए जाने को लेकर तय किया गया। परिवादी साहू ने बताया कि अन्य वार्ड के पार्षद जिनका की कोई लेना देना नहीं है। वो भी अनावश्यक रूप से शिकायतें करते हैं। इन शिकायतों को लेकर अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। परिवादी का कहना रहा कि स्थानीय पार्षद को कोई आपत्ति नहीं है। दूसरे वार्ड के पार्षद आकर इस मामले में शिकायत कर नोटिस दिलवा रहे हैं।

सब कुछ हम करवा देंगे निस्तारण

पार्षदों ने अतिक्रमण के मामले में पूरी तरह निस्तारण कराने की गारंटी ली। उन्होंने परिवादी से इस मामले में ढाई लाख रुपए देने पर उनके स्तर पर पूरे मामले का निस्तारण कराने का विश्वास दिलाया। ऐसे में एसीबी यह पार्षद रिश्वत की राशि लेकर इस मामले के निस्तारण का विश्वास किस आधार पर दिला रहे हैं। इस मामले से और कौन जुड़े हुए हैं। एसीबी इस मामले में सारे तथ्यों को जोडक़र जानकारी जुटा रही है।

ब्यावर में पूर्व सभापति पर भी हो चुकी है कार्रवाई

गत 8 अगस्त 2019 को सभापति बबीता चौहान, उनके पति नरेन्द्र चौहान व रिश्तेदार शिवप्रसाद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर की टीम ने सवा दो लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया। यह रकम शिकायतकर्ता डॉ. राजीव जैन से सभापति के घर पर ली गई थी। रिश्वत चिकित्सक के सांखला कॉलोनी के भूखंड रूपान्तरण की एवज में ली थी। वर्ष 2019 में सभापति बबीता चौहान के रिश्वत लेने का मामला भी खासा चर्चित रहा था।

suresh bharti Desk
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