Ajmer: ट्रेन में लंबे सफर के बाद घर जाने से पहले स्टेशन पर घंटों इंतजार

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना जांच की लंबी कतारें
-महज रेल यात्रियों के लिए नियम- बस से आने वालों को छूट

-ट्रेन वाले यात्रियों की हो रही जांच, जाने वालों की नहीं

 

By: Jai Makhija

Updated: 04 Dec 2020, 12:15 PM IST

Ajmer, Ajmer, Rajasthan, India

-रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना जांच की लंबी कतारें
-महज रेल यात्रियों के लिए नियम- बस से आने वालों को छूट

-ट्रेन वाले यात्रियों की हो रही जांच, जाने वालों की नहीं

अजमेर. अगर आप ट्रेन से अजमेर रेलवे स्टेशन उतर रहे हैं तो घर जाने से पहले रेलवे स्टेशन पर एक से दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ सकता है। वजह यह है अजमेर आने वाले रेल यात्रियों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। यात्रियों की अधिक संख्या और कोरोना टेस्ट में लगने वाली देरी की वजह से स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतारें लग जाती है। खास बात यह है कि यह नियम महज रेल यात्रियों पर लागू है। बसों अथवा निजी वाहनों से अजमेर आने वाले यात्रियों पर यह नियम लागू नहीं है।

मुम्बई, दिल्ली, बरेली , भुज, अहमदाबाद सहित अन्य शहरों से देर रात्रि को आने वाले यात्री घंटो सफर कर अपने घर अथवा गंतव्य जाने की जल्दी में होते हैं। विशेषकर १० से २० घंटे की थका देने वाली लंबी यात्रा कर स्टेशन पर उतरने वाले जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक जाना चाहते हंै। लेकिन ट्रेन से उतरते ही उन्हें कोराना टेस्ट के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। रेल यात्रियों के साथ उनके बच्चे अथवा बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह नियम खासा परेशानी वाला साबित हो रहा है। कई बार एक साथ दो गाडि़यां स्टेशन पर आने की वजह से यह कतारें लंबी हो जाती है। अपनी बारी आने तक अनेक यात्रियों को दो घंटे तक लाइन में ही खड़ा रहना पड़ता है।

महज अजमेर के रेल यात्रियों के लिए नियम

कोरोना टेस्ट का यह नियम महज अजमेर आने वाले रेल यात्रियों पर ही लागू किया रहा है। राज्य के किसी भी अन्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कोविड टेस्ट नहीं किया जा रहा है। कोविड टेस्ट भी उन यात्रियों का किया जा रहा है जो अन्य शहरों से अजमेर पहुंच रहे हैं। अजमेर से जाने वाले रेल यात्रियों का महज टेम्परेचर टेस्ट कर ट्रेनों में बैठने दिया जा रहा है। खास बात यह है कि राज्य पथ परिवहन निगम की सैकड़ों बसों , प्राइवेट बसों और निजी गाडि़यों से रोजाना हजारों लोग और जायरीन अजमेर पहुंचते हैं लेकिन उनका कोरोना टेस्ट नहीं किया जा रहा है। एेसे में सिर्फ रेल यात्रियों को कोरोना टेस्ट के लिए देर रात तक लंबी कतारों में लगाने का नियम समझ से परे है।

रेल प्रशासन ने किया जिम्मेदारी से इंकार

इधर रेलवे प्रशासन ने रेल यात्रियों के कोरोना टेस्ट प्रक्रिया से खुद को अलग थलग कर दिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की ओर से कोरोना टेस्ट नहीं किया जा रहा है । यह नियम स्थानीय जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने लागू किया है। कोविड टेस्ट भी चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है।

इनका कहना है
स्टेशन पर रेल यात्रियों का कोरोना टेस्ट रेलवे की ओर से नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकार की पुरानी गाइडलाइन के अनुरुप स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था की गई है। कोविड टेस्ट भी चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है। रेलवे का इससे कोई लेनादेना नहीं है।

-नवीन कुमार परसुरामका, मंडल रेल प्रबंधक

कोविड टेस्ट महज अजमेर के रेलवे स्टेशन पर किया जा रहा है। जयपुर सहित राज्य के अन्य शहरों के रेलवे स्टेशन पर यह व्यवस्था नहीं है। यह नियम रेलवे ने नहीं बल्कि स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से लागू किया गया है।

-सुनील बेनीवाल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर

-ट्रेन फिलहाल लिमिटेड की ही संचालित हो रही है, लम्बी दूरी से आने वाले यात्रियों की सुरक्षा के म²ेनजर जिला प्रशासन के निर्देशन में कोविड जांच की जा रही है।

-डॉ. के.के.सोनी, सीएमएचओ

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