Agitation: कॉलेज में नहीं मिली सैलेरी, कर्मचारियों ने दिए इस्तीफे

बजट घोषणा में कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसके चलते शिक्षकों-कर्मचारियों ने शैक्षिक और प्रशासनिक कामकाज का बेमियादी बहिष्कार जारी है।

By: raktim tiwari

Updated: 03 Mar 2021, 08:43 AM IST

अजमेर.

राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेज में वेतन-भत्तों को लेकर बेमियादी धरना जारी है। राज्य सरकार द्वारा बजट में प्रावधान सुनिश्चत नहीं करने पर स्टाफ ने कामकाज का बहिष्कार किया। सभी कर्मचारियों ने प्राचार्य को अतिरिक्त प्रशासनिक कार्यभार के त्यागपत्र सौंप दिए। साथ ही सुंदर काण्ड का पाठ कर सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।

राजस्थान अभियांत्रिकी महाविद्यालय शिक्षक संघ (रेक्टा) के अध्यक्ष चम्पालाल कुमावत ने बताया कि बताया कि अजमेर सहित बीकानेर और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज में वेतन-भत्तों को लेकर समस्याएं कायम हैं। ज्यादातर कॉलेज सेल्फ फाइनेसिंग स्कीम में संचालित हैं। कॉलेज को पृथक बजट नहीं मिलता। तकनीकी शिक्षा विभाग को ब्लॉक ग्रांट देने का प्रस्ताव भेजा गया था। बजट घोषणा में कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसके चलते शिक्षकों-कर्मचारियों ने शैक्षिक और प्रशासनिक कामकाज का बेमियादी बहिष्कार जारी है।

मिले कांग्रेस नेताओं से

दोनों कॉलेज के स्टाफ ने कांग्रेस नेता हेमंत भाटी और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष नसीम अख्तर इंसाफ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कुमावत ने बताया कि थोड़ी देर में सभी विधायकों को वॉट्सएप तथा सोशल मीडिया पर मैसेज भेजे जाएंगे।

गहराया वित्तीय संकट
शिक्षाकर्मियों ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज को ब्लॉक ग्रांट देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। मुख्यमंत्री ने बजट में कोई घोषणा नहीं की है। इससे 1 हजार से ज्यादा कर्मचारी और उनके परिवारों पर वित्तीय संकट आ गया है। सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम में संचालित महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में सरकारी फीस भी लागू नहीं की गई है।


आरएएस 2018 :पूर्व में जारी परिणाम के आधार पर होगी भर्ती

अजमेर.आरएएस-2018 परीक्षा परिणाम रद्द करने के एकल पीठ के फैसले को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रद्द कर दिया हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को पूर्व में जारी परिणाम के आधार पर भर्ती करने को कहा है।

आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा में दो गुणा अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करने से जुड़ी कविता गोदारा की याचिका पर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बीते वर्ष दिसंबर में पदों के न्यूनतम अर्हता अंक तय करने और दो गुणा अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाने के आदेश दिए थे। साथ ही 9 जुलाई 2020 को घोषित मुख्य परीक्षा परिणाम को रद्द करते हुए संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे। आयोग के फुल कमीशन ने एकल पीठ के फैसले को खंडपीठ में चुनौती दी थी।

raktim tiwari Reporting
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